न्यूज़ व्यूज़भारती ठाकुर लगातार मिल रही असफलताओं से बिल्कुल नहीं घबराईं और उन्होंने लगातार मेहनत करना जारी रखा....
अदालती फैसलेग्वालियर बेंच ने खारिज की मां की याचिका...
न्यूज़ व्यूज़कुमुद सिंह ने बेटियों के जन्म पर मौलिक बधाई गीतों का संकलन करके न केवल पुरानी परंपराओं को चुनौती दी, बल्कि एक नई सांस्कृतिक परंपरा की नींव भी रखी है।...
अदालती फैसलेकोर्ट ने स्पष्ट किया कि तलाक के लिए क्रूरता का व्यवहार इतना गंभीर होना चाहिए कि साथ रहना असहनीय हो जाए।...
बैजाबाई शिंदे जिन्होंने अपना बैंक स्थापित कर विरोधियों का किया सामना
कम ही लोगों को पता होगा कि सिंधिया ख़ानदान में भी एक ऐसी महिला शासक थी जिसने अंग्रेज़ों से लोहा लिया था। उनका नाम था बैज़ाब...
शाहजहां बेगम -जिन्होंने भोपाल को पहला जनाना अस्पताल और को एड स्कूल दिया
शाहजहां बेगम के शासन काल की एक उल्लेखनीय उपलब्धि है- पहले इटारसी से भोपाल तक रेल मार्ग का निर्माण। इसके लिए उन्होंने राज...
महारानी अहिल्याबाई
अहिल्याबाई का जन्म सन् 1725 में महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था।
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई
16 नवम्बर 1835 को जन्मी महारानी लक्ष्मीबाई ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में 1857 के गदर में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिये थे...
दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की
सन 1705 में गोंड राजा निज़ाम शाह ने विवाह के बाद भोपाल रानी कमलापति को दिया। वह बचपन से ही बुद्धिमान और साहसी थीं। शिक्ष...
सुभद्राकुमारी चौहान
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का तो डाक विभाग ने सम्मान किया ही, साथ ही ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’
रागों से आम लोगों का परिचय करवा रही हैं प्रियाणी
प्रियाणी ने पिता से प्रेरणा लेकर बहुत छोटी उम्र में ही गाना शुरु कर दिया था और महज 5 बरस की उम्र में पिता के साथ स्टेज प...
वंदना ठाकुर : जिसने बॉडी बिल्डिंग में पुरुषों के एकाधिकार को तोड़ा
वंदना चाहती हैं कि वे आर्थिक रूप से कमज़ोर लड़कियों की मदद करें, जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं लेकिन सही मार्गदर्...
कलम और सुई-धागे को एक साथ साधती दीप्ति कुशवाहा
माँ की चित्रकला ने दीप्ति के भीतर लोककलाओं के प्रति प्रेम जगाया, दीप्ति ने कढ़ाई की तकनीक भीउनसे ही सीखी। साहित्यिक-सांस्...
प्रियंका दुबे : जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...
शांता भूरिया : पिटोल से पेरिस तक का सफर तय करने वाली पिथौरा चित्रकार
आर्थिक कठिनाइयों के बीच फिर से शुरू हुई चित्रकला, प्रदर्शनियों से मिली पहचान
डॉ. नीलिमा शर्मा : संगीत और अभिनय से रची नई पहचान
लंबे विराम के बाद पुनः रियाज़ आरंभ करना सहज नहीं था, किंतु कठोर साधना, आत्मसंघर्ष और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने उपशास्त...
भारती ठाकुर : डॉक्टर बनने का सपना रह गया अधूरा, MPPSC में लहराया परचम
भारती ठाकुर लगातार मिल रही असफलताओं से बिल्कुल नहीं घबराईं और उन्होंने लगातार मेहनत करना जारी रखा.
कुमुद सिंह ने जुटाए बेटियों के जन्म पर गाए जाने वाले मौलिक बधाई गीत
कुमुद सिंह ने बेटियों के जन्म पर मौलिक बधाई गीतों का संकलन करके न केवल पुरानी परंपराओं को चुनौती दी, बल्कि एक नई सांस्कृ...
खुद का दर्द भुलाकर मरीजों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरती ग्वालियर जयारोग्य अस्पताल की नर्सें
जिंदादिली की मिसाल बनीं कैंसर पीड़ित नर्सेज
काली बैंक के अंधेरे से 'धोड़ी बैंक' के उजाले तक: झाबुआ की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत
'काली बैंक' की बेड़ियों को तोड़कर 'धोड़ी बैंक' के माध्यम से महिला शक्ति ने यह सिद्ध कर दिया है कि गरीबी का स्थायी इलाज क...
फूलो की खेती से लाखो की कमाई कर रही लक्ष्मीबाई
महिला किसान लक्ष्मीबाई का कमाल! 3000 स्क्वेयर फीट में शुरू की गुलाब की खेती, अब हर महीने कमा रहीं ₹4 लाख
इंदौर की अक्षिता ने बनाई किचन वेस्ट को खाद में बदलने वाली मशीन
स्टार्टअप को मिल रहा निवेशकों का समर्थन
शादी के बाद महिला की 'ना' को क्यों नहीं सुन पाती हैं अदालतें
अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वैध विवाह के भीतर पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों में 'सहमति' का प्रश्न कानूनी रूप से अप्रासंगिक...
शादीशुदा पुरुषों के लिव-इन वाले फैसले पर कोर्ट का यू-टर्न! दो अलग मामलों को लेकर उठे सवाल
दोनों फैसलों ने अलग-अलग व्याख्याएं सामने रखीं, जो अब चर्चा का केंद्र बन चुकी हैं।
स्त्री अस्मिता की यात्रा
अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...
नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...
महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...
मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...
मप्र हाईकोर्ट : लड़की बालिग है, उसे अपनी पसंद से रहने का पूरा अधिकार
ग्वालियर बेंच ने खारिज की मां की याचिका
झारखंड हाईकोर्ट : जिंदगी के सामान्य उतार-चढ़ाव क्रूरता नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तलाक के लिए क्रूरता का व्यवहार इतना गंभीर होना चाहिए कि साथ रहना असहनीय हो जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट : बीवी और बच्चे पालने की हैसियत नहीं तो शादी नहीं करनी चाहिए
कहा - शादी के बाद आर्थिक तंगी का उलाहना देकर अपनी जिम्मेदारी से भागा नहीं जा सकता।
उत्तराखंड हाई कोर्ट : बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते पिता
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पिता को बच्चे के लिए 8000 रुपये मासिक भरण-पोषण देने का आदेश दिया
उड़ीसा हाईकोर्ट : तलाक के बाद भी पत्नी को मिलेगा भरण पोषण छोड़ने का आधार नहीं बनेगा रुकावट
पति को झटका पत्नी छोड़कर गई फिर भी देना होगा गुजारा भत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
राजस्थान हाईकोर्ट : बहू भी होगी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार
अब ससुर की मृत्यु के बाद बहू को भी मिलेगा नौकरी का अधिकार जानिए क्या हैं नियम और पात्रता









