संध्या श्रीवास्तव

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संध्या

संध्या श्रीवास्तव

farcvp@gmail.com

2026-01-01 10:20:14

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जन्म तिथि : 30 सितंबर,  जन्म स्थान :  मिर्जापुर (उप्र) 

 

माता : श्रीमती शांति देवी श्रीवास्तव, पिता : श्री जमुना प्रसाद लाल

 

जीवन साथी  :  श्री अभय कुमार, सन्तान : पुत्र -01

 

शिक्षा : बी.ए. एम.ए. 

 

जीवन यात्रा/करियर यात्रा : मध्य प्रदेश सरकार में पब्लिक फाइनेंस, प्रशासन और शासन में 35 साल से अधिक समय तक कई प्रमुख पदों पर (निदेशक-  लोकल फंड ऑडिट (वित्त विभाग), एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर - मप्र नागरिक आपूर्ति निगम एवं राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय में मुख्य वित्त अधिकारी और वित्तीय सलाहकार और बार काउंसिल ऑफ इंडिया सहित कई नेतृत्वकारी पदों पर कार्य किया है. 

सेवानिवृत्ति के बाद सिविल सेवकों और परिवीक्षाधीनों के क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में सक्रिय रूप से योगदान. आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल और बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) में अतिथि संकाय के रूप में काम किया, जहाँ वित्तीय प्रबंधन, सरकारी लेखा परीक्षा, खरीद (GeM), बजटीय नियंत्रण और शासन के सिद्धांतों पर व्याख्यान दिये. 

मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी (आरआरडीए) का ऑडिट किया.  इसके अलावा iGOT प्लेटफॉर्म पर उच्च श्रेणी के ई-लर्निंग मॉड्यूल डिज़ाइन तैयार किये हैं. 

 

पुरस्कार/सम्मान

•  BIPARD और आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के प्रशिक्षुओं द्वारा व्याख्यानों और शिक्षण पद्धति के लिए 100 से अधिक व्याख्यानों के लिए लगातार ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग प्राप्त

•  प्रभावशाली iGOT मॉड्यूल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त, प्रभावी सुधारों और मार्गदर्शन के लिए मध्य प्रदेश सरकार के विभागों से कई प्रशंसा पत्र प्राप्त

•  समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए आईआईटी,मुंबई द्वारा सम्मानित

मानद सदस्य - इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ऑडिटर्स ऑफ इंडिया/ सदस्य-आईपीएआई

 

विदेश यात्रा : नेपाल, अमेरिका, यू.के.

 

रुचियां :  शिक्षण, मार्गदर्शन, कविता और लेख लिखना, संगीत सुनना और गाना

 

अन्य जानकारियाँ :   GeM प्रोक्योरमेंट, यात्रा भत्ते के नियम, वित्तीय शक्तियाँ और ऑडिट सिस्टम्स पर प्रशिक्षण मैनुअल और लेक्चर नोट्स तैयार किए. वास्तविक शासन (रियल गवर्नेंस) से जुड़े प्रशासनिक प्रशिक्षण के लिए व्यावहारिक केस स्टडी तैयार कीं.

  स्थानीय निकायों में पारदर्शी रिपोर्टिंग को बढ़ावा देकर लेखा-परीक्षा प्रक्रियाओं को मजबूत किया. •  साक्षात्कार और केस-आधारित अध्ययन मॉड्यूल बनाकर प्रशिक्षण सुधारों में योगदान दिया.