मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध पर्वतारोही ज्योति रात्रे एक बार फिर इतिहास रचने जा रही हैं। 55 वर्षीय ज्योति रात्रे इस बार मेक्सिको के पिको डी ओरिजाबा पर्वत को फतह करने निकली हैं, जिसे उत्तरी अमेरिका का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी माना जाता है।
यह 18491 फीट ऊंची बर्फीली और खतरनाक चोटी दुनिया के सबसे कठिन पर्वत अभियानों में गिनी जाती है।
अभियान की शुरुआत और लक्ष्य
• 29 मई से ज्योति रात्रे ने पिको डी ओरिजाबा पर्वत की चढ़ाई शुरू कर दी है। उनके अनुसार, 1 जून तक चोटी पर पहुंचना लक्ष्य है।
• इस अभियान के साथ ज्योति रात्रे ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए भी अपना नॉमिनेशन किया है। चढ़ाई शुरू करने से पहले उन्होंने वीडियो संदेश भी साझा किया है।
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तेज बर्फीली हवा और आक्सीजन की कमी बड़ी चुनौती
• तेज बर्फीली हवाएं, आक्सीजन की कमी, ग्लेशियर क्रेवास और खड़ी बर्फीली ढलानें इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती हैं।
• पर्वतारोहण विशेषज्ञों के अनुसार, 'पिको डी ओरिजाबा' तकनीकी रूप से कठिन पर्वतों में शामिल है, जहां मौसम मिनटों में जानलेवा हो सकता है।
• यह मिशन ज्योति रात्रे के 7 महाद्वीपों के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों पर तिरंगा फहराने के ऐतिहासिक मिशन का अहम हिस्सा है।
मध्य प्रदेश की पहली महिला की संभावना
• अब तक मध्य प्रदेश की कोई भी महिला पर्वतारोही इस शिखर तक नहीं पहुंच पाई हैं।
• यदि ज्योति रात्रे इस मिशन में सफल होती हैं, तो यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गौरव का क्षण होगा।
बता दें कि इससे पहले ज्योति रात्रे ने माउंट एवरेस्ट सहित पांच महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहरा चुकी हैं। उनके साहस और मानवीय दृष्टिकोण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत में अलग पहचान दी है।
ग्रामीण महिलाओं के साहस को समर्पित मिशन
ज्योति रात्रे कहती हैं, "यह मिशन केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण महिलाओं के साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास को समर्पित है।"
उन्होंने बताया कि 2023 में एवरेस्ट अभियान के दौरान उन्होंने एक साथी पर्वतारोही की जान बचाई थी, जिसके कारण उन्हें अपने लक्ष्य से कुछ दूरी पर वापस लौटना पड़ा था।
'शिखर से शक्ति तक' मेरा प्रयास
ज्योति रात्रे कहती हैं, "यह केवल एक एक्सपीडिशन नहीं, बल्कि उन महिलाओं के लिए समर्पित अभियान है जो हर दिन संघर्ष करती हैं। मेरा प्रयास 'शिखर से शक्ति तक' महिलाओं के साहस को सलाम करेगा।" उन्होंने आगे कहा,
"भारत की ग्रामीण महिलाएं सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी अद्भुत धैर्य और इच्छाशक्ति के साथ जीवन को आगे बढ़ाती हैं। मेरा अभियान उसी शक्ति को दुनिया के सामने दिखाने का प्रयास है।"
सन्दर्भ स्रोत/छाया : ईटीवी



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