डॉ. अंजना झा

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डॉ.

डॉ. अंजना झा

 anjanajhakathak1983@gmail.com/ www.anjanakathak.com

2026-01-12 11:18:35

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जन्म: 30 मार्च, जन्म स्थान: भिण्ड,मप्र 

 

पिता: श्री अशोक कुमार झा, माता: श्रीमती उमा देवी झा

 

शिक्षा :  बी.ए., एम.ए (कथक प्रथम श्रेणी), प्रभाकर (कथक/स्वर/ पखावज) - प्रयाग संगीत समिति, प्रयागराज 

पीएच.डी (कथक नृत्य का मंदिरों से संबंध "जयपुर घराने के विशेष संदर्भ में"), कथक केंद्र, नई दिल्ली से विशिष्टता के साथ दो वर्षीय पोस्ट डिप्लोमा, कथक नृत्य में शास्त्रीय प्रशिक्षण (जयपुर घराना)

 

व्यवसाय : सह-प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, कथक नृत्य विभाग, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर, संस्थापक एवं निदेशक- ‘उपज’ एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स/ स्वतंत्र कथक नृत्यांगना, गुरु एवं कोरियोग्राफर

 

करियर यात्रा : अंजना ने 8 वर्ष की आयु में नृत्य की शिक्षा गुरु सुखदेव सिंह कुशवाह से मध्यप्रदेश में ली। इसके बाद गुरु पं. राजेंद्र गंगानी से जयपुर घराना में कथक की शिक्षा प्राप्त की। प्रशिक्षण : दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कथक डांस में दाखिला, जहां भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से 5 वर्षों तक स्कॉलरशिप प्राप्त की. अंतरराष्ट्रीय कार्य : भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के लिए दो वर्षों तक बैंकॉक, थाईलैंड में कथक नृत्य शिक्षक एवं सह कलाकार के रूप में काम किया. वर्ष 2013 में ‘उपज’ एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की स्थापना के साथ ही नृत्य में नवाचार करते हुए कथक कलाकार तैयार कर रही हैं. उन्होंने दक्षिण भारत के जाने-माने अभिनेताओं-अभिनेत्रियों और संगीतज्ञों के साथ भी काम किया है. अपने शानदार कथक प्रदर्शन के अलावा, अंजना शास्त्रीय और अर्ध शास्त्रीय,कंठ संगीत, हिंदुस्तानी संगीत वाद्य- पखावज और योग में भी माहिर हैं. वर्तमान में राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कथक विभाग की अध्यक्ष के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही हैं.

 

उपलब्धियाँ/सम्मान

प्रकाशन- कथक नृत्य के मंदिर से सम्बद्ध जयपुर घराने के विशेष संदर्भ (2019) 

• दिल्ली दूरदर्शन की ‘टॉप ग्रेड’ कलाकार 

• स्पिक मैके,आई.सी.सी.आर विदेश मंत्रालय की मनोनीत कलाकार

• इम्पैनल्ड कलाकार - संस्कृति मंत्रालय के फ़ेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (विदेश)

• 50वाँ खजुराहो नृत्य समारोह – ‘कथक कुंभ’ कार्यक्रम का सफल संयोजन एवं समन्वय

• 15 सौ बच्चों द्वारा एक साथ कथक प्रस्तुति - गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

• भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के नेतृत्व में आइसलैंड दौरे के दौरान कथक डांसर के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व (2005) 

• भारत सरकार (ICCR) के अंतर्गत बैंकॉक में दो वर्षों तक विदेशी छात्रों को कथक प्रशिक्षण 

• बैंकॉक इंडियन कल्चर सेंटर की प्रथम भारतीय महिला कथक नृत्यांगना एवं गुरु

• राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित

 

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सवों में विशिष्ट प्रस्तुतियाँ :

कथक नृत्यांगना और कोरियोग्राफर के तौर पर डॉ.अंजना ने खजुराहो नृत्य समारोह, उस्ताद अलाउद्दीन खां समारोह, कालिदास समारोह, बेतवा महोत्सव, सूर्य महोत्सव,कोच्चि (2001),जयपुर कथक महोत्सव (2002), इंदिरा गांधी कला केंद्र, नोएडा (2002), हेरिटेज फेस्टिवल-जयपुर/पटियाला (2003), शरद उत्सव-कपूरथला (2004), अखिल भारतीय किरण संगीत समारोह-कटनी (2004), अखिल भारतीय कथक नृत्य स्पर्धा- दंतारी, छत्तीसगढ़ (2004), मुद्रा महोत्सव-त्रिवेंद्रम (2005), नाट्यांजलि महोत्सव- तमिलनाडु (2006), महाभारत उत्सव, बैंगलोर (2006), अनन्या उत्सव- दिल्ली (2007), अलीगढ़ ट्रेडफेयर-यूपी (2007),दिल्ली कथक महोत्सव (2008), कथक महोत्सव- नई दिल्ली, (2009), रायपुर उत्सव-छत्तीसगढ़ (2009), पचमढ़ी-उत्सव, एमप्र (2009). खजुराहो नृत्य महोत्सव, मप्र (2010), कालिदास समारोह-मप्र ( 2010), उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत समारोह-मैहर, (2011), 35वां राष्ट्रीय खेल केरल 'सांस्कृतिक कार्यक्रम'- "अतुल्य भारत संगमम" -त्रिवेन्द्रम, त्रिशूर, कोच्चि, कोझिकोड, केरल (2015), केरल संगीत नाटक अकादमी त्रिशूर, केरल (2015), गुरु पूर्णिमा महोत्सव पटना,(,2016), छत्रसाल महोत्सव-पन्ना, 2016, अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस समारोह, हैदराबाद, 2016, सिंहस्थ कला उत्सव-उज्जैन, 2016,जनजातीय संग्रहालय, भोपाल, (2017), सूर्य महोत्सव गणेशम-बेंगलुरु (2017), बैगा ओलम्पिक सांस्कृतिक कार्यक्रम, बालाघाट, (2018), नृत्योलसवम चैरिटेबल ट्रस्ट-वडोदरा, गुजरात, (2019), गुरु पंकज उत्सव-भुवनेश्वर,ओडिशा (2019), एशियन नेट फिल्म अवार्ड्स फेस्टिवल- एर्नाकुलम (2020) पद्मनाभस्वामी मंदिर-तिरुवनंतपुरम (2020).    

अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, मलेशिया, स्विट्जरलैंड, दुबई, कतर, दोहा, बहरीन,ओमान, मस्कट, कुवैत, आइसलैंड, नॉर्वे और थाईलैंड में कई प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुति दी है।

पुरस्कार/सम्मान 

• पद्मभूषण पं. बिरजू महाराज द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कथक केंद्र नई दिल्ली से रजत पदक (2004)

• ‘नृत्य श्री’ अवार्ड और स्वर्ण पदक, किरण संगीत समारोह - कटनी, मप्र

• ऑल इंडिया डांस प्रतियोगिता- छत्तीसगढ़ द्वारा कथक श्री अवार्ड और स्वर्ण पदक (2004)

• कल के कलाकार, मुंबई, महाराष्ट्र द्वारा "सुर सिंगार" टाइटल अवार्ड (2005)

• ग्वालियर विकास समिति द्वारा ‘ग्वालियर गौरव अवार्ड’ (2006/2017)

• संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के मानव संसाधन विभाग द्वारा नेशनल स्कॉलरशिप (2005 से 2007) 

• नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कथक "कथक केंद्र" नई दिल्ली द्वारा  डिस्टिंक्शन मार्क्स के लिए स्कॉलरशिप (2001-2006)

• नगर पालिका परिषद, पन्ना, मप्र द्वारा ‘छत्रसाल सम्मान’ (2016)

• ग्वालियर विकास समिति, ग्वालियर द्वारा ‘प्रतिभा सम्मान’ (2016)

• 'नई पीढ़ी की आवाज़ सम्मान' रायगढ़, छग (2016)

• भुवनेश्वर, ओडिशा द्वारा  ‘उर्वी कथक खिताब’ (2017)

• गुरु पंकज चरण ओडिसी रिसर्च फाउंडेशन द्वारा  गुरु पंकज उत्सव महारी पुरस्कार- भुवनेश्वर, ओडिशा (2019)  

• संस्कार भारती, ग्वालियर द्वारा कला सुरु सम्मान (2019)

• अनुगूंज द्वारा कला गुरु सम्मान (2021)

• कलाधाम फाउंडेशन, जयपुर द्वारा सम्मान (2023)

• नईदुनिया द्वारा ज्योतिर्मय सम्मान/ नायिका सम्मान (2023)

• आदर्श समाज सेवा शिक्षा समिति ग्वालियर द्वारा सम्मानित (2023)

 

रुचियाँ : गायन, वादन, नृत्य

 

अन्य जानकारी :  डॉ. अंजना विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों, शैक्षणिक समितियों एवं कला आयोजनों से सक्रिय रूप से जुड़ी हैं और युवा कलाकारों को मार्गदर्शन, पाठ्यक्रम निर्माण, कार्यशालाओं, सेमिनार, एवं सांस्कृतिक उत्सवों के माध्यम से कला के क्षेत्र में सतत सांस्कृतिक नेतृत्व प्रदान कर रही हैं. 2021 में 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्होंने 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के तहत स्वयं का प्रोडक्शन वीडियो 'वंदे मातरम' प्रस्तुत किया.