वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 

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वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 

छाया : स्व संप्रेषित 

• सीमा चौबे 

वर्षा कुशवाहा चौहान  सिर्फ एक ब्यूटी क्वीन ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, फैशन और सामाजिक बदलाव की एक मजबूत आवाज़ भी हैं। विवाह के बाद 14 वर्षों तक पूरी तरह परिवार को समर्पित रहने के बाद, अपने जुनून को नई उड़ान देना और 39 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन करना, यह  की दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और अथक मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने साबित कर दिया कि जुनून और मेहनत की कोई उम्र नहीं होती।

5 जून को राजगढ़ (ब्यावरा ) में श्रीमती रत्ना कुशवाहा और श्री राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के यहाँ जन्मी वर्षा का बचपन पिता की सरकारी सेवा के कारण भारत के विभिन्न राज्यों बंगाल, असम, मुबई, दिल्ली में बीता। उनकी मां रत्ना कुशवाहा स्नातक थीं और एक बेहद प्रतिभाशाली, ऑलराउंडर व्यक्तित्व की धनी रहीं। सांस्कृतिक गतिविधियाँ, नृत्य, गायन, लेखन, खेल, कुकिंग हर क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि और सक्रिय भागीदारी ने वर्षा के व्यक्तित्व को गढ़ने में अहम भूमिका निभाई। वहीं इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में अधिकारी रहे उनके पिता श्री राजेन्द्र सिंह कुशवाहा  संगीत और स्पोर्ट्स में खासी रुचि रखते थे, वे कॉलेज समय में फुटबॉल टीम के कप्तान भी रहे। पिता से मिले अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुण वर्षा के जीवन की नींव बने।

चार भाई-बहनों में तीसरे नम्बर की वर्षा ने पिता के बार-बार होने वाले तबादलों के कारण नवी तक मुंबई से तथा 10 से 12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली से की। रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से ग्रेजुएशन और अंग्रेजी साहित्य से एम ए की डिग्री हासिल की।  जम्मू-कश्मीर प्रवास के दौरान बी.एड किया।

सौंदर्य प्रतियोगिताओं से प्रेरणा

सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के वैश्विक मंच पर सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय को भारत का परचम फहराते देख वर्षा ने भी उनके पदचिन्हों पर चलने के सपने संजोने लगीं। हालांकि, पिता पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर काफ़ी सख्त थे, वे चाहते थे कि उनके बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें, इसलिए वर्षा ने कभी मॉडलिंग को करियर के रूप में अपनाने की हिम्मत नहीं की और पढ़ाई पर ही ध्यान केंद्रित रखा। हालांकि दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई और नौकरी के साथ वे प्रिंट मॉडलिंग और फैशन शोज़ करती रहीं, लेकिन उसे कभी करियर नहीं माना। 

14 साल: परिवार को समर्पित 

2003 में सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी, भोपाल निवासी जटाशंकर सिंह चौहान से विवाह के बाद वर्षा का जीवन पंजाब, जम्मू-कश्मीर, ग्वालियर और दिल्ली में पदस्थापना के साथ आगे बढ़ा।  विवाह के बाद बतौर गृहिणी लगभग 14 वर्षों तक उन्होंने पूरी तरह अपने परिवार और बच्चों को प्राथमिकता दी, हालांकि इस बीच उन्होंने 2 वर्षों तक शिक्षक के रूप में कार्य भी किया। पति के बार-बार तबादलों के कारण बच्चों की पढ़ाई के चलते वर्ष 2016 से 2025 तक दिल्ली में अकेले ही रहकर उनकी परवरिश की पूरी ज़िम्मेदारी उन्होंने स्वयं निभाई।  

करियर में अहम मोड़

वर्ष 2016 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उनके पति की पोस्टिंग दिल्ली हुई। एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने मिसेस मध्यप्रदेश प्रतियोगिता में भाग लिया और पहली बार राज्य स्तर पर मॉडलिंग कर रनरअप बनी। इसके पहले उन्होंने किसी बड़े शो में भाग नहीं लिया था। यह उपलब्धि उनके लिए वर्षों से दबे आत्मविश्वास की वापसी थी। वहीं से उन्होंने तय कर लिया कि अब अपने सपनों को रोका नहीं जाएगा। 

इसके बाद उन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत की. राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं से लेकर एक के बाद एक खिताब जीतते हुए अंततः मिसेज नॉर्थ एशिया 2017 का अंतरराष्ट्रीय ताज अपने नाम किया। कम समय और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अमेरिका (लास वेगास) में आयोजित मिसेज नॉर्थ एशिया अर्थ प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतकर भारत का परचम लहराया। यहाँ Women Empowerment पर उनके विचारों ने अंतरराष्ट्रीय जजों और दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। जब उनसे पूछा गया कि भारतीय महिलाएं अन्य देशों की महिलाओं से कैसे अलग हैं, तो उनका उत्तर था “भारतीय महिलाएँ मल्टीटास्किंग होती हैं - घर, बच्चे और करियर - सब संभालती हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण मैं खुद हूँ।” 

वे बताती हैं  मिसेस नॉर्थ एशिया के लिए देशभर के सभी राज्यों के 500 प्रतिभागियों में से 30 में से कड़ी स्पर्धा के बाद उनका चयन होना उनके लिए एक सपना पूरा होने जैसा था। इसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करना पड़ी क्यूंकि इस दौरान उनके पास तैयारी के लिए ज़्यादा वक़्त नहीं था। इस जीत के बारे में वे कहती हैं: “मैं जीत गई और ऐसा लगा जैसे मैंने पूरी दुनिया जीत ली हो। इसके तुरंत बाद उन्हें एक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मिसेस अर्थ इंटरनेशनल के लिए चुना गया। लास वेगास में एक सप्ताह तक रहने के दौरान, उनके बच्चे रोज़ उनका हौसला बढ़ाते थे और कहते थे “मम्मा, आप बेस्ट हो!” 

इतने बड़े अन्तराष्ट्रीय मंच पर जहाँ कई देशों की सुंदरियां मौजूद थी, लेकिन वर्षा के मन में कहीं कोई घबराहट या बैचेनी नहीं थी वे कहती हैं  “मुझे यकीन था कि अगर प्लेटफॉर्म मिल जाये, तो मैं कुछ न कुछ ज़रूर हासिल कर सकती हूँ।“ विश्वभर की प्रतिभागियों के बीच आत्मविश्वास से मंच साझा किया यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण पल था।

मातृत्व और जिम्मेदारियां 

वर्षा का मानना है कि “विवाह, मातृत्व या उम्र - कभी भी सपनों की सीमा नहीं हो सकती। उनके लिए खुद के सपनों को पूरा करने, पारिवारिक जिम्मेदारियां सम्हालने के साथ ही बच्चों का करियर संवारने आदि की चुनौतियाँ बहुत थीं। बच्चे छोटे थे, पति फील्ड पोस्टिंग में रहते थे। रात में प्रतियोगिता की तैयारी, सुबह दौड़ना, बच्चों की पढ़ाई, खाना - सब खुद संभालती थीं। वे कहती हैं लेकिन अगर आप कुछ पाना चाहते हैं, तो रास्ता खुद बन जाता है। अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतने के बाद उनके पास फिल्मों, टीवी और वेब सीरीज के लिए कई प्रस्ताव आये, लेकिन उस समय बच्चों कारण उनका मुंबई में रहना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने मना कर दिया। आज भी सक्रिय रूप से मॉडलिंग को समर्पित वर्षा कहती हैं अब अगर कोई अच्छा और सार्थक अवसर मिला, तो ज़रूर करूँगी।

सामाजिक सरोकार और पहचान

एक सफल इन्फ्लुएंसर होने के साथ-साथ वर्षा एक मॉडल, अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वे एसिड अटैक सर्वाइवर्स, कैंसर सर्वाइवर्स, महिलाओं की सुरक्षा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और झुग्गी-झोपड़ी के बच्चों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कई रैंप शोज़, सामाजिक अभियानों में हिस्सा लिया है और अनेक आयोजनों में मुख्य निर्णायक, मुख्य अतिथि या विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित की गई हैं। वर्षा को अमेरिका की World Class Beauty Queens Magazine में फीचर किया गया है। वे Dream Makers NGO की अंतरराष्ट्रीय सलाहकार भी हैं। वे भविष्य में  महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सामाजिक कार्यों को और विस्तार देने के साथ ही मॉडलिंग और फैशन में आने वाली लड़कियों के लिए ग्रूमिंग इंस्टीट्यूट खोलना चाहती हैं, ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके।

मॉडलिंग इंडस्ट्री को लेकर लोगों की सोच को लेकर वे कहती हैं  लोगों को लगता है कि मॉडलिंग में रहने का मतलब बहुत बोल्ड होना है, लेकिन ऐसा नहीं है। मैं अपने संस्कारों के साथ अपने सपनों को जीती हूँ। जहाँ सही नहीं लगा, वहाँ कभी नहीं गई - चाहे मौका कितना भी बड़ा क्यों न हो।

वे कहती हैं सपनों को हासिल करने में समस्याएं आयेंगी, लेकिन यह सोचकर रुकना नहीं है कि हमारी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ घर तक है। सपनों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़े, तो भी पीछे मत हटिये। अगर मैं 39 साल की उम्र में इंटरनेशनल ताज जीत सकती हूँ, तो हर स्त्री अपने सपने पूरे कर सकती है - बस खुद पर विश्वास होना चाहिए। वे मानती हैं कि बेटों को भी बचपन से घर की ज़िम्मेदारी सिखानी चाहिए, ताकि समाज में वास्तविक बदलाव आ सके।

इन दिनों वर्षा परिवार को समय देने के साथ-साथ में काम कर रही हैं। उनके बेटे कनिष्क अमेरिका में और बेटी अनीशा दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं।

उपलब्धियाँ एवं सम्मान

• अध्यक्ष - आईएटीबी  (आई एम द बेस्ट), दक्षिण दिल्ली क्षेत्र 

ब्रांड एंबेसडर - ग्लोबल पीस मूवमेंट-अमेरिका (2022)/ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ ट्रस्ट मुंबई के लिये दिल्ली प्रदेश की ब्रांड एंबेसडर तथा अध्यक्ष  

• राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एडवाइजरी बोर्ड मेम्बर - ड्रीम मेकर्स / We For We  (इंटरनेशनल) / ड्रीम मेकर्स एनजीओ/एस्थेटिक्स इंटरनेशनल/- Cosmopolitan Queens of India

• एसिड अटैक सर्वाइवर्स, वंचित बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सक्रिय कार्य

सम्मान

• मिसेस नॉर्थ एशिया अर्थ 2017

• मिसेस अर्थ इंटरनेशनल फाइनलिस्ट 2017

• मिस एमपी रनर-अप एवं मोस्ट ग्लैमरस टाइटल विनर 2016

• वर्ल्ड क्लास ब्यूटी क्वींस मैगजीन (यूएसए) में फीचर

• राष्ट्रीय टीवी चैनलों CNBC, रिपब्लिक भारत सहित प्रमुख टीवी चैनलों पर इंटरव्यू

पुरस्कार

• एआर फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा ‘तू ही रे’ अवार्ड  (2017)

• नई दिल्ली पूर्व  मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यंग वूमेन अचीवर्स अवार्ड (2018)

• वीवीएन एंटरटेनमेंट, आगरा द्वारा शान-ए-हिंदुस्तान पुरस्कार -कानपुर  (2018)

• एसआरएल मीडिया, नई दिल्ली द्वारा प्राइड ऑफ़ सोसाइटी अवार्ड-दिल्ली  (2018)

•  निर्भया ज्योति नेशनल अचीवर्स एक्सीलेंस अवार्ड  (2018)

• वर्ल्ड पीएचडी और तिरंगा चैलेन्ज ऑर्गेनाइजेशन द्वारा तिरंगा चैलेन्ज एम्बेसडर ( 2018)

• जनता टीवी द्वारा नारी शक्ति सम्मान (2018) /राष्ट्रीय महिला दिवस पर “नारी तेरे कितने रूप” पुरस्कार -फरीदाबाद  (2019)

• अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ब्रजभूमि फाउंडेशन द्वारा नारी शक्ति को प्रणाम - इंदौर ( 2019)

• बॉलीवुड अभिनेता शाहबाज़ ख़ान द्वारा नई दिल्ली में होलिस्टिक अवॉर्ड एवं वॉक फॉर अ कॉज़ (2021)

• टियारा द क्राउन, हरियाणा द्वारा वूमेन एक्सीलेंस अवार्ड (2021)  

• अमित सिंगला सोशल वेलफेयर सोसायटी हिप्र द्वारा इंटरनेशनल  ग्लोबल पीस आइकॉन अवार्ड  (2021)

• एमटी टीवी इंडिया द्वारा 100 इंस्पिरेशनल वूमेन अवॉर्ड (2022)

• विमेंस वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा वूमेन  इंस्पिरेशन अवॉर्ड (2022)

• ग्लोबल पीस ऑर्गेनाइजेशन अमेरिका द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ़ ऑनर  (2022)

• नेशनल चाइल्ड एंड वुमेन डेवलेपमेंट काउन्सिल दिल्ली द्वारा रत्नश्री अवार्ड (2022) 

• नारी शक्ति एक पहल फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा वीमेन प्रेस्टीज अवॉर्ड (2023)

• काशियाना फाउंडेशन दिल्ली द्वारा नशा उन्मूलन सम्मान  (2023)

• डीवास मेकअप स्टूडियो दिल्ली द्वारा ग्लोबल इंडियन अवार्ड (2023)

• गूंज 90.8 एफएम, ग्वालियर द्वारा वर्ष की सबसे प्रेरणादायक महिला पुरस्कार (2024)

• इंस्पिरेशन ऑफ़ द ईयर अवार्ड (2024)

• प्रतीक स्पेशल स्कूल द्वारा इंस्पायरिंग वूमन अवार्ड (2024)

• सूत्रा इवेंट्स दिल्ली द्वारा इंडिया डायनेमिक एवं अचीवर्स इंडिया अवॉर्ड (2022/2025)

• हमारा संविधान हमारा अभिमान संस्था गुरुग्राम नेशनल एम्पावरमेंट अवार्ड 2025, वूमन प्रेस्टीजियस अवार्ड, सेलिब्रिटी क्लब ऑफ़ इण्डिया, नई दिल्ली सहित कई राजनेताओं एवं बॉलीवुड अभिनेता-अभिनेत्रियों द्वारा सम्मानित

 

सन्दर्भ स्रोत :  वर्षा चौहान से  सीमा चौबे की बातचीत पर आधारित 

© मीडियाटिक

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