डॉ अनीता तिलवारी

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डॉ अनीता तिलवारी

dranitatilwari2015@gmail.com

2026-01-09 08:13:39

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जन्म दिनांक : 13 जुलाई , जन्म स्थान : ग्राम आलमपुर, तहसील टिमरनी, जिला - हरदा

 

माता  :   श्रीमती शांता तिलवारी, पिता  : श्री कोदर लाल तिलवारी

 

शिक्षा : एमएससी (माइक्रोबायोलॉजी) पीएचडी (बायोटेक्नोलॉजी) एवं पीडीएफ (आणविक चिकित्सा) यूनिवर्सिटी साइंस, मलेशिया

 

व्यवसाय : एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष - माइक्रोबायोलॉजी, बरकतउल्ला विवि, भोपाल 

 

करियर यात्रा/ जीवन यात्रा : डॉ. अनीता तिलवारी एक भारतीय जैव प्रौद्योगिकीविद् और वैज्ञानिक हैं, उन्होंने सूक्ष्म जीव विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी का अध्ययन किया और 2010 से 2022 (12 साल) तक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में प्रधान वैज्ञानिक के पद पर कार्य किया. इस दौरान अनुसंधान और विकास ,कौशल विकास ,उद्यमिता विकास विज्ञान और नवाचार नीति तैयार करना, बायोटेक्नोलॉजी पार्क और इनक्यूबेशन सेंटर का विकास, विज्ञान लोकव्यापीकरण, विज्ञान मंथन कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं पर शोध आदि में अहम योगदान दिया. 

वर्तमान में बरकतउल्ला विवि भोपाल में सह प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कार्यरत हैं. वे स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं. उन्होंने सामाजिक/सामुदायिक कार्य कार्यक्रमों एवं विज्ञान जागरूकता के माध्यम से और विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

 

उपलब्धियां

भारत एवं विश्व के ख्याति प्राप्त शोध संस्थानों जैसे आणविक औषधियों में उत्कृष्ट अनुसंधान संस्थान (INFORMM), पेनांग मलेशिया, सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-CDRI), इंडियन टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR- ITRC) लखनऊ, हिमालय बायोरेसोर्स टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी (CSIR- IHBT) , पालमपुर, CSIR-IMTECH , चंडीगढ़, ICAR -राष्ट्रीय कृषि महत्वपूर्ण सूक्ष्मजीव ब्यूरो (ICAR-NBAIM) , महू नाथ भंजन उत्तर प्रदेश,IIT पुणे, एमपी काउंसिल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल, राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय भोपाल आदि में शोध एवं अनुसंधान कार्य.

 

पुरस्कार/सम्मान

•  मध्य प्रदेश राज्य द्वारा जैव विज्ञान के क्षेत्र में नवीन वैज्ञानिक योगदान और अनुसंधान कार्यों के लिए ‘युवा वैज्ञानिक पुरस्कार’ (2005) 

•  मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद , विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मध्य प्रदेश सरकार द्वारा युवा वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण के लिए फेलोशिप (एफटीवाईएस) 2005

•  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा रिसर्च एंड इनोवेशन के लिए ‘राजीव गांधी नेशनल फेलो अवार्ड’ (2007)

•  विदेशी अध्ययन के लिए पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप अवार्ड (2008)

•  मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विदेश छात्रवृत्ति के तहत यूनिवर्सिटी  सेन्स मलेशिया कोटाभरू में विदेशी पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च फेलो (पीडीएफ) के लिए चयन (2009 -10)

•  जनपरिषद भोपाल द्वारा ‘यंग अचीवर्स अवार्ड’  (2012)

•  विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा जर्मनी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए अंतर्राष्ट्रीय यात्रा अनुदान (2016)

•  देशम नव चेतना  डॉ आंबेडकर समग्र समाज कल्याण महासंघ द्वारा ‘समाज का गौरव’ सम्मान

•  बोधिसत्व डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर सामाजिक सम्मान (2023)

 

विदेश यात्रा :  वैज्ञानिक कार्यकाल से अध्ययन के लिए विभिन्न देशों जैसे जर्मनी, एम्सटर्डम, पेरिस, तुर्की, आदि का दौरा किया और शोध पत्र प्रस्तुत किया और सम्मेलनों मैं भाग लिया साथ  मलेशिया में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया है.

 

रुचियां : खेल, म्यूजिक, पढ़ाई ,सिंगिंग, सोशल वर्क 

 

अन्य जानकारी : विपरीत परिस्थितियों के कारण पांचवीं के बाद पढ़ाई रुक गई, एक शिक्षक के प्रोत्साहन से नवोदय विद्यालय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नवोदय विद्यालय पवारखेड़ा जिला होशंगाबाद में प्रवेश के लिए चुना गया लेकिन  एक बार फिर परिस्थितियों ने 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई पर विराम लग गया. स्थानीय लोगों के प्रोत्साहन और मदद से स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए जीव विज्ञान संकाय, सरोजिनी नायडू कॉलेज, भोपाल में प्रवेश मिला. 1999 में बैंक से कर्ज लेकर माइक्रोबायोलॉजी पाठ्यक्रम में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया और जीवन निर्वाह करने के लिए घर-घर सामान बेचने का काम किया, जिसमें महज ₹25 प्रतिदिन मिलते थे और फिर हज़ार रुपए महीने पर रिसेप्शनिस्ट का काम करते हुए और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर गुजारा किया. 2009 में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल से विषय "भारतीय चिकित्सा पद्धति में उपयोग होने वाले कई औषधि पौधों का आइसोलेशन पहचान और उनकी इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गतिविधि " पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त. यह उपाधि प्राप्त करने वाली वे राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी की पहली शोधार्थी थी. पीएचडी करने के लिए भारत सरकार के यूनिवर्सिटी ग्रैंड कमिश्नर से राजीव गांधी नेशनल फेलोशिप के लिए चयन.