ज़िन्दगीनामा

ज़िन्दगीनामा

प्रक्षाली देसाई : शिक्षा के लिए अलख जगाना ही जिनके जीवन का मकसद है  

प्रक्षाली अपने बचपन में कुछ इस तरह की घटनाओं की गवाह भी बनीं जिसकी वजह से उनमें समाज के प्रति संवेदनशील विचारधारा का विकास हुआ।

ज़िन्दगीनामा

प्रदेश से पं. जसराज की एकमात्र शिष्या: डॉ. नीलांजना वशिष्ठ

नीलांजना को रिदम और लय जैसे किसी वरदान के रूप में मिले, हालांकि शुरुआत में उनका रुझान नृत्य की तरफ ज़्यादा था और वे गायन से कहीं बे...

ज़िन्दगीनामा

8 पेटेंट हासिल कर चुकीं सविता दीक्षित को और 3 का है इंतज़ार

मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल के रसायनशास्त्र की प्रोफ़ेसर डॉ. सविता दीक्षित पर्यावरण की समस्या से निपट...

ज़िन्दगीनामा

गणित पढ़ाती थीं सुमित्रा मुखर्जी, अब शरणार्थियों को राहत पहुंचाती हैं

सुमित्रा मुखर्जी संभवत: एकमात्र भारतीय महिला हैं, जिन्होंने गणित पढ़ाने से लेकर ऐसी किसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था में ऊंचे ओहदे तक पहु...

ज़िन्दगीनामा

पथरीली ज़मीन पर रास्ता बनाकर चल रही हैं शिफाली पाण्डेय 

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से शिफाली का पहला परिचय 98-99 में हुआ। उस समय भोपाल और उसके आसपास सी टीवी की धूम थी। यहाँ वे एंकरिंग के साथ रि...

ज़िन्दगीनामा

अपने पिता की सच्ची उत्तराधिकारी थीं रत्नकुमारी देवी

रत्नकुमारी ने अपने पिता की साहित्यिक, राजनीतिक और सामाजिक विरासत को सरलता से सहेज लिया। एक ओर वे साहित्य सृजन में व्यस्त थीं तो दू...