पद्मा पटरथ का जन्म जबलपुर, मध्य प्रदेश में 7 मार्च 1923 को बंगाली (बनर्जी) परिवार में हुआ था।
उनके बचपन का नाम रानी था। बड़े भाई भगवती ने उनका नाम क्रांति रखा , क्योंकि उस समय चारों ओर क्रांति का वातावरण था।
ज़िंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव से हार मानने की जगह जब व्यक्ति उससे लड़ता है और एक नई परिभाषा लिखता है,
दस-बारह बरस की आयु से ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था। 1951-52 के मध्य उन्होंने अपनी पहली कविता लिखी, जो कि हिंदी में थी ।
प्रधानमंत्री निवास में वे बेरोकटक पहुंच जाया करती थीं। वे तीन बार सागर से तथा एक बार दमोह से सांसद रहीं।
हमारे देश में ट्रक-बस जैसे भारी वाहन चलाना पुरुषों के ही बूते की बात मानी जाती है, लेकिन भोपाल की योगिता रघुवंशी ने इसे ग़लत साबित...

