भोपाल। मध्य प्रदेश को देश का दिल कहा जाता है, जहां हर साल लाखों पर्यटक इतिहास, संस्कृति और स्थापत्य कला को करीब से देखने आते हैं। इन पर्यटकों के अनुभव को खास बनाने में टूरिस्ट गाइड की बड़ी भूमिका होती है। वैसे तो प्रदेश में 71 रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड हैं, लेकिन इनमें सिर्फ 2 ही महिला गाइड हैं रेखा चोपड़ा और वंदना दुबे और दोनों ही अपने अनुभव और ज्ञान से देश-विदेश के पर्यटकों को मध्य प्रदेश की विरासत से रूबरू करा रही हैं।
पहली महिला गाइड बनीं रेखा चोपड़ा
भोपाल की रहने वाली रेखा चोपड़ा प्रदेश की पहली महिला टूरिस्ट गाइड हैं। उन्होंने 1987 में अपने पति के साथ गाइड का कोर्स किया और उसमें टॉप किया। 1988 में जब वे पहली बार फ्रेंच पर्यटकों के साथ सांची गईं, तब उन्हें महसूस हुआ कि यही उनका सही क्षेत्र है। समय के साथ उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी के अलावा फ्रेंच और स्पेनिश जैसी भाषाएं भी सीखीं। रेखा बताती हैं कि उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान तब होता है, जब पर्यटक उनकी तारीफ करते हैं। अब वे अपनी ट्रैवल एजेंसी भी चला रही हैं।
वंदना पर्यटकों को जोड़ रहीं इतिहास और स्वाद से
ओरछा की वंदना दुबे पिछले 24 साल से गाइड के रूप में काम कर रही हैं। शादी के बाद आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने एमपी टूरिज्म की गाइड ट्रेनिंग ली और 2002 से इस क्षेत्र में काम शुरू किया। वंदना सिर्फ ऐतिहासिक जानकारी ही नहीं देतीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को बुंदेलखंडी खाने से भी परिचित कराती हैं। वे अपने घर पर कुकिंग क्लास चलाती हैं, जहां पर्यटकों को शुद्ध शाकाहारी खाना बनाना सिखाती हैं। शुरुआत में उन्हें भाषा की दिक्कत हुई, लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे अंग्रेजी और फ्रेंच सीख ली। आज वे विदेशी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
सन्दर्भ स्रोत/छाया : ईटीवी



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