अदालती फैसलेखंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 'अलग रहना' का अर्थ केवल भौतिक दूरी नहीं, बल्कि वैवाहिक संबंधों का पूर्णतः समाप्त होना है। ...
न्यूज़ व्यूज़हरदोली गांव की महिला ने दिखाया संघर्ष और आत्मनिर्भरता का रास्ता...
अदालती फैसलेकोर्ट ने पत्नी और परिवार के खिलाफ कार्यवाही रद की, ‘दुराशय’ का कोई प्रमाण नहीं...
ज़िन्दगीनामामालिनी गौतम एक प्रसिद्ध कवयित्री, अनुवादक और साहित्यिक हस्ती हैं। उन्होंने हिंदी, गुजराती और अंग्रेजी साहित्य में गहरी समझ और रचनात्मक योगदान दिया है।...
अहिल्याबाई : एक गाँव को समृद्ध नगर में बदल देने वाली रानी
मालवा साम्राज्य की रानी अहिल्याबाई होल्कर जीवनपर्यंत अपने और अपनी रियासत के अस्तित्व के लिए संघर्षरत रहीं। उनका राज्य सं...
एक गूजर बाला, जो मशहूर हुई मृगनयनी के नाम से
राजा मानसिंह निम्मी के नयन सौंदर्य , और शिकार मे लक्ष्यवेध से मुग्ध होकर वे उसे विवाह करके… ग्वालियर ले गये
प्रेयसी और पत्नी ही नहीं, बाजीराव की साथी भी थी मस्तानी
मस्तानी बाजीराव का जीवन काल जितना विवादित रहा है उतना ही विवादित उनका वास्तविक परिचय भी है।
रानी दुर्गावती जिनके शासन काल में स्वर्ण मुद्राओं और हाथियों के रूप में भरी जाती थी लगान
गढ़ा-मंडला की रानी दुर्गावती ने स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों की आहूति दी थी। उनके आत्मोत्सर्ग की गौरव...
भीमाबाई जिनके युद्ध कौशल से अंग्रेज भी थे हैरान
भीमा बाई की संघर्ष गाथा समझने के लिए होलकर वंश की पृष्ठभूमि समझना आवश्यक है। इस वंश की स्थापना मल्हारराव होलकर (प्रथम) न...
बैजाबाई शिंदे जिन्होंने अपना बैंक स्थापित कर विरोधियों का किया सामना
कम ही लोगों को पता होगा कि सिंधिया ख़ानदान में भी एक ऐसी महिला शासक थी जिसने अंग्रेज़ों से लोहा लिया था। उनका नाम था बैज़ाब...
बूँद बूँद अहसासों में ढली रचनाकार मालिनी गौतम
मालिनी गौतम एक प्रसिद्ध कवयित्री, अनुवादक और साहित्यिक हस्ती हैं। उन्होंने हिंदी, गुजराती और अंग्रेजी साहित्य में गहरी स...
रागों से आम लोगों का परिचय करवा रही हैं प्रियाणी
प्रियाणी ने पिता से प्रेरणा लेकर बहुत छोटी उम्र में ही गाना शुरु कर दिया था और महज 5 बरस की उम्र में पिता के साथ स्टेज प...
वंदना ठाकुर : जिसने बॉडी बिल्डिंग में पुरुषों के एकाधिकार को तोड़ा
वंदना चाहती हैं कि वे आर्थिक रूप से कमज़ोर लड़कियों की मदद करें, जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं लेकिन सही मार्गदर्...
कलम और सुई-धागे को एक साथ साधती दीप्ति कुशवाहा
माँ की चित्रकला ने दीप्ति के भीतर लोककलाओं के प्रति प्रेम जगाया, दीप्ति ने कढ़ाई की तकनीक भीउनसे ही सीखी। साहित्यिक-सांस्...
प्रियंका दुबे : जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...
गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की भगवती देवी बनीं ट्रैक्टर उद्यमी
हरदोली गांव की महिला ने दिखाया संघर्ष और आत्मनिर्भरता का रास्ता
महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर
शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी
नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...
मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों को नई जिंदगी दे रही रीवा की ममता
सामाजिक सेवा से मिलती है संतुष्टि - आठ साल पहले पहली बार 47 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर कल्याणी ने जीता गोल्ड, कनिष्का का एशिया चैंपियनशिप में चयन
मध्यप्रदेश की बेटियों का कमाल:
इंदौर की पपीता रावत ने जगाई पराली नहीं जलाने की अलख, 600 बीघा खेत बचाए
पराली जलाने के खिलाफ जागरूकता की मिसाल
शादी के बाद महिला की 'ना' को क्यों नहीं सुन पाती हैं अदालतें
अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वैध विवाह के भीतर पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों में 'सहमति' का प्रश्न कानूनी रूप से अप्रासंगिक...
शादीशुदा पुरुषों के लिव-इन वाले फैसले पर कोर्ट का यू-टर्न! दो अलग मामलों को लेकर उठे सवाल
दोनों फैसलों ने अलग-अलग व्याख्याएं सामने रखीं, जो अब चर्चा का केंद्र बन चुकी हैं।
स्त्री अस्मिता की यात्रा
अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...
नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...
महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...
मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...
पटना हाई कोर्ट : आपसी सहमति से तलाक के लिए 1 वर्ष अलग रहना जरूरी
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 'अलग रहना' का अर्थ केवल भौतिक दूरी नहीं, बल्कि वैवाहिक संबंधों का पूर्णतः समाप्त होना है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट : पति के खिलाफ केस दर्ज कराना आत्महत्या के लिए उकसाने का कारण नहीं
कोर्ट ने पत्नी और परिवार के खिलाफ कार्यवाही रद की, ‘दुराशय’ का कोई प्रमाण नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट : 13 साल के अलगाव के बाद विवाह समाप्त
कहा - साथ रहने को मजबूर करना क्रूरता
कनाडा कोर्ट का आदेश दरकिनार: इंदौर हाई कोर्ट ने दी मां को कस्टडी
ऐतिहासिक फैसला, कहा- सीता मां जैसा ममत्व ही बच्चे का आधार
सुप्रीम कोर्ट : सहमति वाले रिश्ते में अपराध कैसे?
15 साल लिव-इन के बाद दुष्कर्म के आरोप पर सुप्रीम सवाल; महिला को नसीहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट : पिता के बाद मां ही बच्चे की प्राकृतिक अभिभावक
नाबालिग के हित में संयुक्त परिवार की संपत्ति बेचने के लिए मां को नहीं चाहिए कोर्ट की अनुमति, हाईकोर्ट ने निचली अदालत का...









