रानी अवंती  बाई जिनकी शहादत आज भी है एक राज
स्वतंत्रता संग्राम में मप्र की महिलाएं

रानी अवंती बाई जिनकी शहादत आज भी है एक राज

रामगढ़ की रानी अवंती बाई ने वीरांगना लक्ष्मीबाई की तरह विदेशी सत्ता के विरुद्ध बगावत का झण्डा उठाया और 1857 के प्रथम स्...

रानी दमयंती जिसे जुए में हार गए थे राजा नल
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

रानी दमयंती जिसे जुए में हार गए थे राजा नल

रानी दमयंती-नल दमयंती एक दूसरे के रूप, गुण और पराक्रम के बारे सुनकर ही परस्पर प्रेम करने लगे थे।

जातक कथाओं के शिल्पांकन में स्त्री
पुरातत्त्व में नारी पात्र

जातक कथाओं के शिल्पांकन में स्त्री

मध्यप्रदेश ऐसे कई प्राचीन बौद्ध विहार एवं स्तूप हैं जिनकी दीवारों पर जातक कथाएँ उकेरी हुई हैं।

जब शत्रुओं से घिर गई थीं रानी लक्ष्मीबाई
स्वतंत्रता संग्राम में मप्र की महिलाएं

जब शत्रुओं से घिर गई थीं रानी लक्ष्मीबाई

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपने बलिदान से स्वाधीनता संग्राम के इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है।  उनके शौर्य और पराक्रम की प...

अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली छापामार योद्धा रानी राजो
स्वतंत्रता संग्राम में मप्र की महिलाएं

अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली छापामार योद्धा रानी राजो

राजा पारीक्षित को जोरन गढ़ी में जिन्दा जलाए जाने की खबर जैसे ही उनकी रियासत जैतपुर पहुंची तो उनकी रानी राजो ने पति की मौ...

युद्ध में पराजय के बाद भी कृष्णाबाई होलकर ने बचा लिया था अपना साम्राज्य
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

युद्ध में पराजय के बाद भी कृष्णाबाई होलकर ने बचा लिया था अपना साम्राज्य

कृष्णाबाई की बदौलत ही 1817 के होलकर-मराठा युद्ध में हार के बाद भी होलकर साम्राज्य का अस्तित्व बच पाया था।

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 
ज़िन्दगीनामा

वर्षा कुशवाहा चौहान - उम्र पीछे छोड़ हौसले से जीता सम्मान 

वर्ष 2016 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उनके पति की पोस्टिंग दिल्ली हुई। एक विज्ञापन देखने के बाद उन्होंने म...

भोपाल रियासत की बुनियाद थीं मामोला बाई
ज़िन्दगीनामा

भोपाल रियासत की बुनियाद थीं मामोला बाई

कुछ लोगों का मानना है कि वे यार मुहम्मद द्वारा पराजित किसी ठाकुर परिवार की पुत्री थीं, किसी के अनुसार वे कोटा के राजपूत...

बाग प्रिंट की पहचान बनीं रशीदा बी खत्री
ज़िन्दगीनामा

बाग प्रिंट की पहचान बनीं रशीदा बी खत्री

रशीदा जी लकड़ी के छापों एवं रंगों में आधुनिकता का समावेश कर विभिन्न प्रकार के प्रयोग इसलिए किया करती हैं  ताकि राष्ट्रीय...

प्रीति झा : संघर्ष, संवेदना और  सृजन से सराबोर रंगयात्रा  
ज़िन्दगीनामा

प्रीति झा : संघर्ष, संवेदना और सृजन से सराबोर रंगयात्रा  

उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन वे हमेशा अपने कला के प्रति समर्पित रहीं।

पूजा गर्ग अग्रवाल : दर्द से भी ऊँची है जिनके हौसलों की उड़ान
ज़िन्दगीनामा

पूजा गर्ग अग्रवाल : दर्द से भी ऊँची है जिनके हौसलों की उड़ान

पूजा ने तीन साल बिस्तर पर रहकर 13 ऑपरेशन झेले। इस दौरान उन्होंने मानसिक और शारीरिक - दोनों स्तरों पर संघर्ष किया, लेकिन...

मालिनी गौड़ : गृहिणी से बनीं नेता और शहर को बना दिया नंबर वन
ज़िन्दगीनामा

मालिनी गौड़ : गृहिणी से बनीं नेता और शहर को बना दिया नंबर वन

भारतीय जनता पार्टी के विधायक लक्ष्मण सिंह गौड़ की 2008  में सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी मालिनी गौड़ को टि...

इंदौर की पल्लवी ने खड़ा किया 5
न्यूज़

इंदौर की पल्लवी ने खड़ा किया 5 करोड़ का केमिकल-फ्री डेयरी कारोबार

कैंसर से सास के निधन से बदली ज़िंदगी-अपने व्यक्तिगत नुकसान को समाज के लिए मिशन में बदल दिया।

गृहिणी से बनीं सफल किसान: केले से
न्यूज़

गृहिणी से बनीं सफल किसान: केले से लाखों कमा रहीं बुरहानपुर की रत्ना

गोबर से तैयार जैविक खाद और प्राकृतिक तरीकों से उगाए गए उनके केले स्वाद में बेहद मीठे होते हैं, जिससे बाजार में उनकी जबरद...

उषा ने खेती और डेयरी से बदली किस्मत, सालाना कमा रहीं 6 लाख
न्यूज़

उषा ने खेती और डेयरी से बदली किस्मत, सालाना कमा रहीं 6 लाख

पहले उनके पति महेश रावत खेतीहर मजदूर थे और दोनों मिलकर सालभर में मुश्किल से 60 हजार रुपए कमा पाते थे।

खातून बी- गुल्लक के 2 हजार से शुरू की
न्यूज़

खातून बी- गुल्लक के 2 हजार से शुरू की दुकान, अब हर दिन हजारों की कमाई

बुरहानपुर की खातून बी ने छोटे निवेश से बड़ा कमाल, 45 की उम्र में शुरू किया बिजनेस

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
विमर्श वीथी

नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श

इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
विमर्श वीथी

महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?

इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
विमर्श वीथी

मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान

मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...

अनोखी है उदिता योजना
विमर्श वीथी

अनोखी है उदिता योजना

उदिता योजना अंतर्गत किशोरी के मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया जााता हैं।

मप्र की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति
विमर्श वीथी

मप्र की महिलाओं में एनीमिया की स्थिति

क्या आपको मालूम है कि देश की आधी आबादी भीतर से कमज़ोर है। उनके साथ आपके घर की सुबह होती है। वे आपके लिए चाय बनाती हैं, न...

महिला किसानों के हित में शासकीय योजनाएं
विमर्श वीथी

महिला किसानों के हित में शासकीय योजनाएं

​​​​​​​मध्यप्रदेश सरकार समय-समय पर महिला किसानों के हित में योजनाएं लेकर आती रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी हुए हैं।

गुजरात हाईकोर्ट : ‘पत्नी के बिना बताए मां-बाप के
अदालती फैसले

गुजरात हाईकोर्ट : ‘पत्नी के बिना बताए मां-बाप के घर रुकने पर एक बार थप्पड़ मारना क्रूरता नहीं’

अदालत ने पाया कि गवाह क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसावे के आरोप साबित करने में असफल रहे।

​​​​​​​बिलासपुर हाईकोर्ट : आपसी झगड़ा पत्नी
अदालती फैसले

​​​​​​​बिलासपुर हाईकोर्ट : आपसी झगड़ा पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाना नहीं

निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि धारा 306 के तहत दोषसिद्धि के लिए प्रत्यक्ष उ...

सुप्रीम कोर्ट : सलवार का नाड़ा खोलना रेप की कोशिश जैसा
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : सलवार का नाड़ा खोलना रेप की कोशिश जैसा

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला बदला

अदालतों  के बड़े फैसले: गुजारा भत्ता अधिकार भी, संतुलन भी
अदालती फैसले

अदालतों के बड़े फैसले: गुजारा भत्ता अधिकार भी, संतुलन भी

इन फैसलों ने न सिर्फ पारिवारिक कानून की व्याख्या को मजबूती दी है, बल्कि सामाजिक न्याय और जिम्मेदारी के संतुलन को भी रेखा...

सुप्रीम कोर्ट : सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट बनाने से नहीं बनेंगे पति-पत्नी
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : सिर्फ मैरिज सर्टिफिकेट बनाने से नहीं बनेंगे पति-पत्नी

कोर्ट ने कहा कि रस्मों और परंपराओं के बिना रजिस्ट्रेशन सिर्फ कागज़ों तक सीमित है और यह शादी की पवित्रता को नहीं दर्शाता।