ज़िन्दगीनामामालिनी गौतम एक प्रसिद्ध कवयित्री, अनुवादक और साहित्यिक हस्ती हैं। उन्होंने हिंदी, गुजराती और अंग्रेजी साहित्य में गहरी समझ और रचनात्मक योगदान दिया है।...
अदालती फैसलेकहा - साथ रहने को मजबूर करना क्रूरता...
अदालती फैसलेऐतिहासिक फैसला, कहा- सीता मां जैसा ममत्व ही बच्चे का आधार...
न्यूज़ व्यूज़शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी...
सुभद्राकुमारी चौहान
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का तो डाक विभाग ने सम्मान किया ही, साथ ही ‘खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी’
अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली छापामार योद्धा रानी राजो
राजा पारीक्षित को जोरन गढ़ी में जिन्दा जलाए जाने की खबर जैसे ही उनकी रियासत जैतपुर पहुंची तो उनकी रानी राजो ने पति की मौ...
विजयाराजे सिंधिया
ग्वालियर रियासत की राजमाता श्रीमती विजयाराजे सिंधिया राजनीति में पूर्णत: सक्रिय रहने के बावजूद शिक्षा के प्रसार तथा गरीब...
रानी रूपमती जिसने की थी रागिनी भूप कल्याण की रचना
मालवा की रानी रूपमती और उसके पति सुल्तान बाज बहादुर की प्रणय गाथा आज भी माण्डू दुर्ग के अवशेषों में प्रतिध्वनित होती है।
एक रोमांचक प्रेमकथा की नायिका वासवदत्ता
वासवदत्ता अवन्ति महाजनपद के शासक चण्डप्रद्योत महासेन की पुत्री थी।
अहिल्याबाई : एक गाँव को समृद्ध नगर में बदल देने वाली रानी
मालवा साम्राज्य की रानी अहिल्याबाई होल्कर जीवनपर्यंत अपने और अपनी रियासत के अस्तित्व के लिए संघर्षरत रहीं। उनका राज्य सं...
बूँद बूँद अहसासों में ढली रचनाकर मालिनी गौतम
मालिनी गौतम एक प्रसिद्ध कवयित्री, अनुवादक और साहित्यिक हस्ती हैं। उन्होंने हिंदी, गुजराती और अंग्रेजी साहित्य में गहरी स...
रागों से आम लोगों का परिचय करवा रही हैं प्रियाणी
प्रियाणी ने पिता से प्रेरणा लेकर बहुत छोटी उम्र में ही गाना शुरु कर दिया था और महज 5 बरस की उम्र में पिता के साथ स्टेज प...
वंदना ठाकुर : जिसने बॉडी बिल्डिंग में पुरुषों के एकाधिकार को तोड़ा
वंदना चाहती हैं कि वे आर्थिक रूप से कमज़ोर लड़कियों की मदद करें, जो इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं लेकिन सही मार्गदर्...
कलम और सुई-धागे को एक साथ साधती दीप्ति कुशवाहा
माँ की चित्रकला ने दीप्ति के भीतर लोककलाओं के प्रति प्रेम जगाया, दीप्ति ने कढ़ाई की तकनीक भीउनसे ही सीखी। साहित्यिक-सांस्...
प्रियंका दुबे : जिन्हें खोजी पत्रकारिता ने दिलाई अंतर्राष्ट्रीय पहचान
प्रियंका खोजी पत्रकार और द्विभाषी लेखिका हैं, जो मानवाधिकार, महिलाओं और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रभावशाल...
महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर
शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी
नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...
मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों को नई जिंदगी दे रही रीवा की ममता
सामाजिक सेवा से मिलती है संतुष्टि - आठ साल पहले पहली बार 47 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर कल्याणी ने जीता गोल्ड, कनिष्का का एशिया चैंपियनशिप में चयन
मध्यप्रदेश की बेटियों का कमाल:
इंदौर की पपीता रावत ने जगाई पराली नहीं जलाने की अलख, 600 बीघा खेत बचाए
पराली जलाने के खिलाफ जागरूकता की मिसाल
भारती ठाकुर : डॉक्टर बनने का सपना रह गया अधूरा, MPPSC में लहराया परचम
भारती ठाकुर लगातार मिल रही असफलताओं से बिल्कुल नहीं घबराईं और उन्होंने लगातार मेहनत करना जारी रखा.
शादी के बाद महिला की 'ना' को क्यों नहीं सुन पाती हैं अदालतें
अदालत ने यह स्पष्ट किया कि वैध विवाह के भीतर पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों में 'सहमति' का प्रश्न कानूनी रूप से अप्रासंगिक...
शादीशुदा पुरुषों के लिव-इन वाले फैसले पर कोर्ट का यू-टर्न! दो अलग मामलों को लेकर उठे सवाल
दोनों फैसलों ने अलग-अलग व्याख्याएं सामने रखीं, जो अब चर्चा का केंद्र बन चुकी हैं।
स्त्री अस्मिता की यात्रा
अंततः स्त्री होने का अर्थ किसी सीमा या बंधन में बँधना नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित संभावनाओं को पहचानना एवं उन्हें साकार...
नीला ड्रम, स्टोव बनाम स्त्री विमर्श
इन सारी घटनाओं में पीड़ित कौन है, इसका पता कितना सत्य है और असल में तो जांच के बाद ही चलेगा। लेकिन इतना तय है कि विवाह स...
महिला ही क्यों हो रसोई की रानी, 'पुरुष महाराज' क्यों नहीं?
इस दौर में भी आखिर क्यों मछली जल की रानी है की तर्ज पर एक महिला को किचन की रानी बना दिया गया है, पुरुष क्यों नहीं 'रसोई...
मप्र में बाल विवाह की स्थिति और लाडो अभियान
मुख्य उद्देश्य -जनसमुदाय की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव के साथ बाल विवाह जैसी कुरीति को सामुदायिक सहभागिता से समाप्त कर...
राजस्थान हाईकोर्ट : 13 साल के अलगाव के बाद विवाह समाप्त
कहा - साथ रहने को मजबूर करना क्रूरता
कनाडा कोर्ट का आदेश दरकिनार: इंदौर हाई कोर्ट ने दी मां को कस्टडी
ऐतिहासिक फैसला, कहा- सीता मां जैसा ममत्व ही बच्चे का आधार
सुप्रीम कोर्ट : सहमति वाले रिश्ते में अपराध कैसे?
15 साल लिव-इन के बाद दुष्कर्म के आरोप पर सुप्रीम सवाल; महिला को नसीहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट : पिता के बाद मां ही बच्चे की प्राकृतिक अभिभावक
नाबालिग के हित में संयुक्त परिवार की संपत्ति बेचने के लिए मां को नहीं चाहिए कोर्ट की अनुमति, हाईकोर्ट ने निचली अदालत का...
नैनीताल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: वैध शादी से जन्मे बच्चे का नहीं होगा डीएनए टेस्ट
डीएनए टेस्ट कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है, इसे केवल असाधारण परिस्थितियों में ही आजमाया जा सकता है। पति की याचिका खारिज,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट : दो साल से कम अंतर पर भी दूसरी मातृत्व अवकाश संभव
इलाहाबाद हाईकोर्ट का महिलाओं के लिए बड़ा फैसला-वित्तीय हैंडबुक मातृत्व लाभ कानून से ऊपर नहीं , महिलाओं के अधिकारों में न...









