इंदौर की अक्षिता ने बनाई किचन वेस्ट

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इंदौर की अक्षिता ने बनाई किचन वेस्ट
को खाद में बदलने वाली मशीन

 छोटी उम्र में बड़ा इनोवेशन करते हुए इंदौर की अक्षिता मालवीय ने एक ऐसी मशीन तैयार की है, जो किचन वेस्ट को खाद में बदल देती है। इस अनोखे स्टार्टअप आइडिया ने अब कंपनियों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 

दिल्ली की गंदगी से मिली प्रेरणा

इंदौर की रहने वाली अक्षिता जब नई दिल्ली पहुंचीं, तो वहां फैले कूड़े और गंदगी को देखकर हैरान रह गईं।इसी अनुभव ने उन्हें कुछ नया करने के लिए प्रेरित किया। करीब 2 महीने की रिसर्च के बाद उन्होंने एक ऐसा समाधान तैयार किया, जो घर के कचरे को ही उपयोगी संसाधन में बदल देता है।

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क्या है ‘InSink’ मशीन 

अक्षिता ने अपने स्टार्टअप का नाम InSink Compost Machine रखा है। यह एक स्मार्ट किचन सिस्टम है जिसमें सब्जियों के छिलके, बचा हुआ खाना, अन्य गीला कचरा डालने पर कुछ समय में यह ऑर्गेनिक खाद में बदल जाता है।

कैसे काम करती है मशीन

इस मशीन में एक इनबिल्ट प्रोसेसिंग सिस्टम और साइड बॉक्स होता है। किचन वेस्ट मशीन में डाला जाता है,  सिस्टम उसे प्रोसेस करता है, अंत में खाद तैयार होकर बॉक्स में जमा हो जाती है। इस खाद को घर के पौधों में इस्तेमाल किया जा सकता है या बाजार में बेचकर कमाई की जा सकती है।

कमाई का नया जरिया

अक्षिता के अनुसार, इस मशीन से हर महीने 50 से 60 किलो तक खाद तैयार की जा सकती है, जिसे बाजार में बेचा जा सकता है। इस तरह यह मशीन न सिर्फ कचरा कम करती है, बल्कि इनकम का सोर्स भी बन सकती है। अक्षिता मालवीय, जो एक आर्मी अफसर और अध्यापिका की बेटी हैं, ने इस प्रोजेक्ट को करीब ₹1.25 लाख की लागत से तैयार किया। अब कई कंपनियां उनके इस स्टार्टअप में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं, जिससे यह आइडिया तेजी से स्केल हो सकता है। 

कीमत और भविष्य की योजना

वर्तमान कीमत: ₹50,000 से ₹60,000

भविष्य में:  मिडिल क्लास परिवारों के लिए सस्ता वर्जन, रेस्टोरेंट्स के लिए बड़े मॉडल

अक्षिता का लक्ष्य है कि यह तकनीक हर घर और बिजनेस तक पहुंचे।

क्यों खास है यह इनोवेशन

• किचन वेस्ट का समाधान

• पर्यावरण संरक्षण में मदद

• घर बैठे कमाई का मौका

• शहरी कचरा समस्या का समाधान

अक्षिता मालवीय का यह स्टार्टअप न सिर्फ एक टेक्नोलॉजी इनोवेशन है, बल्कि स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। यह दिखाता है कि सही सोच और मेहनत से छोटी उम्र में भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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