पिता बेचते हैं चाय-नाश्ता, अब भारतीय

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पिता बेचते हैं चाय-नाश्ता, अब भारतीय
हॉकी टीम में शामिल नामी गीताश्री

नामी गीताश्री ने महज 12 साल की उम्र में भारतीय हॉकी में इतिहास रच दिया है। तीन साल पहले तक जिन्हें हॉकी का ‘ह’ भी नहीं पता था, आज उनका चयन अंडर-18 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में हुआ है। इसके साथ ही वह भारत की ओर से चुनी जाने वाली सबसे कम उम्र की हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं।

पिता की चाय-नाश्ते की दुकान से शुरू हुआ सफर

आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव की रहने वाली नामी गीताश्री अपने पिता की चाय-नाश्ते की दुकान पर हाथ बंटाया करती थीं। इसी दौरान स्थानीय हॉकी कोच बलीरेड्डी सूरीबाबू की नजर उनकी प्रतिभा पर पड़ी।

शुरुआत में परिवार खेल के लिए तैयार नहीं था, लेकिन चचेरी बहन के समझाने के बाद माता-पिता मान गए। इसके बाद नामी ने हॉकी को अपना सपना बना लिया।

रोज 10 किलोमीटर लिफ्ट मांगकर पहुंचती थीं प्रैक्टिस

नामी का प्रैक्टिस ग्राउंड घर से करीब 10 किलोमीटर दूर था। आर्थिक तंगी के बावजूद वह रोजाना लोगों से लिफ्ट मांगकर मैदान पहुंचती थीं।

कोच सूरीबाबू के मुताबिक, भारी बारिश और मुश्किल हालात में भी नामी ने कभी प्रैक्टिस मिस नहीं की। उनका अनुशासन और मेहनत ही आज उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बनी।

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मध्य प्रदेश हॉकी एकेडमी ने बदली जिंदगी

नामी गीताश्री की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब मध्य प्रदेश सरकार के ऑल इंडिया टैलेंट हंट के जरिए उनका चयन मध्य प्रदेश राज्य महिला हॉकी एकेडमी में हुआ।

ग्वालियर स्थित इस एकेडमी में उन्हें मुफ्त शिक्षा के साथ प्रोफेशनल हॉकी ट्रेनिंग मिली। एकेडमी की कोच वंदना उन्हें ‘छोटा पैकेट बड़ा धमाका’ कहती हैं।

रानी रामपाल की देखरेख में निखरा खेल

भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कैंप के दौरान भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल की देखरेख में नामी ने अपने खेल को और बेहतर बनाया।

मध्य प्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी नामी की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।

क्यों खास है नामी गीताश्री की कहानी?

• महज 12 साल की उम्र में भारतीय टीम में चयन

आर्थिक तंगी के बावजूद नहीं छोड़ा सपना

पिता की चाय दुकान पर करती थीं मदद

रोज 10 किलोमीटर दूर जाकर करती थीं प्रैक्टिस

अब अंडर-18 एशिया कप में भारत का करेंगी प्रतिनिधित्व

सन्दर्भ स्रोत : नवभारत टाइम्स 

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क 

 

 

 

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