जबलपुर। रीवा की उभरती क्रिकेट प्रतिभा जाह्नवी राजपूत ने अपने खेल और हौसले के दम पर नई पहचान बनाई है। महज 16 वर्ष की उम्र में उनका चयन भोपाल बुल्स में हुआ है। इससे उन्होंने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे रीवा संभाग का नाम रोशन किया है।
हरफनमौला खिलाड़ी
बोदाबाग निवासी जाह्नवी का चयन हाल ही में आयोजित डिवीजन क्रिकेट प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के आधार पर हुआ। उन्होंने सिर्फ चार मैचों में 11 विकेट लेने के साथ 155 रन भी बनाए। गेंद और बल्ले दोनों से किए गए दमदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें भोपाल बुल्स की टीम में जगह दिलाई।
अंडर-15 टीम का कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व
जाह्नवी इससे पहले मध्य प्रदेश अंडर-15 महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनकी क्रिकेट यात्रा रीवा में कोच इंद्रदेव भारती के मार्गदर्शन में आगे बढ़ी, जहां उन्होंने खेल की तकनीकी बारीकियां सीखीं और अपनी प्रतिभा को निखारा।
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यादगार प्रदर्शन से पिता को दी श्रद्धांजलि
जाह्नवी की सफलता का यह सफर आसान नहीं रहा। 1 अप्रैल को एक सड़क दुर्घटना में उनके पिता का निधन हो गया था। परिवार गहरे सदमे में था, लेकिन जाह्नवी ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। पिता के निधन के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने डिवीजन क्रिकेट प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और कठिन परिस्थितियों के बावजूद 80 रन बनाने के साथ चार विकेट भी हासिल किए। उन्होंने यह शानदार प्रदर्शन अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया।
अब MPL में दिखाएंगी दम
जाह्नवी की कहानी केवल क्रिकेट में सफलता की नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देती है। अब उनकी निगाहें मध्य प्रदेश लीग में बेहतर प्रदर्शन पर टिकी हैं। भोपाल बुल्स की टीम 4 जून को इंदौर में बुंदेलखंड बुल्स के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलेगी, जहां क्रिकेट प्रेमियों की नजरें जाह्नवी के प्रदर्शन पर भी रहेंगी।
सन्दर्भ स्रोत/छाया : दैनिक जागरण
सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क



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