पेरिस ओलंपिक 2024 : भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी एथलीट अंकिता

blog-img

पेरिस ओलंपिक 2024 : भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी एथलीट अंकिता

छाया : ईटीवी भारत

भोपाल। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र एनसीओई भोपाल की एथलीट अंकिता ध्यानी ने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए किया क्वालीफाई किया है। अंकिता 5000 मीटर इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। अंकिता 2019 से फरवरी 2024 तक साई एनसीओई भोपाल का हिस्सा थी। फिर राष्ट्रीय शिविर के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, बेंगलुरु चली गईं। अपने कोखेल गुरुओं के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने कौशल को निखारा और असाधारण समर्पण और धैर्य का प्रदर्शन किया।

पेरिस ओलंपिक के लिए उनका क्वालीफाई करना उनकी कड़ी मेहनत और भारतीय खेल प्राधिकरण, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, भोपाल द्वारा प्रदान की गई उच्च गुणवत्ता वाली ट्रेनिंग का प्रमाण हैं। अंकिता राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, भोपाल की दूसरी एथलीट हैं, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए किया क्वालीफाई किया है।

उल्लेखनीय है कि अंकिता ध्यानी का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 15:28.08 है जो उन्होंने इस साल की शुरुआत में कैलिफोर्निया में ट्रैक फेस्ट में हासिल किया था। उन्होंने पिछले महीने इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 16:10।31 के साथ स्वर्ण पदक भी जीता।

संदर्भ स्रोत : राज एक्सप्रेस

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की
न्यूज़

गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की , भगवती देवी बनीं ट्रैक्टर उद्यमी

हरदोली गांव की महिला ने दिखाया संघर्ष और आत्मनिर्भरता का रास्ता

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच'
न्यूज़

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' , ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर

शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से
न्यूज़

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से , सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों
न्यूज़

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों , को नई जिंदगी  दे रही रीवा की ममता

सामाजिक सेवा से मिलती है संतुष्टि - आठ साल पहले पहली बार 47 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था।