छिंदवाड़ा: पिता को पुलिस की नौकरी करते देखते हुए बड़ी हुई प्रिया मालवीय ने भी देश सेवा का सपना देखा। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने पहले गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन में बीई की पढ़ाई की और बाद में एएफसीएटी (AFCAT) यानी एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट दिया। क्वालिफाई करने के बाद अब फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में चयनित हुई हैं। प्रिया जल्द ही ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जाएंगी।
छिंदवाड़ा की बेटी आसमान में भरेगी उड़ान
छिंदवाड़ा के कोतवाली में ASI रवि मालवीय की बेटी प्रिया ने इंडियन एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर चुनाव जीतकर जिले का नाम रोशन किया। उन्होंने साल 2025 में हुई AFCAT में ऑल इंडिया 113वीं रैंक हासिल की। सम्भवतः प्रिया जिले की पहली फ्लाइंग ऑफिसर हैं।
ऑनलाइन कोचिंग लेकर घर में की तैयारी
प्रिया ने बताया, "इंजीनियरिंग के बाद करीब डेढ़ साल घर पर ऑनलाइन कोचिंग लेकर तैयारी की और सफलता पाई। पिता को देश सेवा करते देखना मेरी प्रेरणा था। परिवार के सहयोग से यह सफलता संभव हुई।"
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पिता ने कहा, बेटी ने गर्व से ऊंचा किया सिर
रवि मालवीय ने कहा, "बेटी ने जो सोचा नहीं था, वह कर दिखाया। उनकी लगन ने जिले की अन्य लड़कियों के लिए भी उम्मीद जगाई है। 25 जून को वह हैदराबाद में ट्रेनिंग के लिए जाएंगी। 3 साल की ट्रेनिंग के बाद पोस्टिंग मिलेगी।"
AFCAT क्या है और चयन प्रक्रिया
AFCAT (एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट) भारतीय वायु सेना द्वारा फ्लाइंग, ग्राउंड ड्यूटी तकनीकी, और गैर-तकनीकी शाखाओं में अधिकारियों की भर्ती के लिए साल में दो बार आयोजित की जाती है।
• फ्लाइंग ब्रांच: 12वीं में गणित और भौतिकी पास होना और किसी भी विषय में ग्रेजुएशन आवश्यक।
• ग्राउंड ड्यूटी तकनीकी: इंजीनियरिंग डिग्री जरूरी।
• स्नातक स्तर पर 60% अंक की अनिवार्यता हटा दी गई है।
सन्दर्भ स्रोत : ईटीवी
सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क
छाया : डेली मोशन



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