मध्य प्रदेश के खंडवा की बेटी विशाखा पाराशर ने साबित कर दिया कि जीतने के लिए पैरों की नहीं, इरादों की जरूरत होती है। व्हीलचेयर पर बैठकर उन्होंने नेशनल स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और अब वह मलेशिया में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं।
कानपुर में आयोजित नेशनल स्टेट चैंपियनशिप में विशाखा ने व्हीलचेयर कैटेगरी के डॉट गेम्स (प्वाइंट गेम) में शानदार प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बीच उनका निशाना सबसे सटीक रहा और उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अब अगला पड़ाव मलेशिया है, जहां वह भारत की जर्सी पहनकर उतरेंगी।
सपना हुआ सच
विशाखा का सपना था कि वह भारत के लिए खेलें। आज उनकी जर्सी के पीछे ‘INDIA’ लिखा है। वह कहती हैं “मैं चल नहीं सकती, लेकिन मैंने खुद को कभी कमजोर नहीं माना। अब मैं देश के लिए खेलूंगी और पूरी कोशिश करूंगी कि तिरंगा ऊंचा लहराए।”
एक सड़क हादसा, जिसने बदल दी जिंदगी
कुछ साल पहले एक सड़क दुर्घटना के बाद वह चलने में असमर्थ हो गईं। यह किसी को भी तोड़ सकता था, लेकिन विशाखा ने हार नहीं मानी और व्हीलचेयर को ही अपनी ताकत बना लिया।
अब बच्चों को सिखाएंगी जीत का मंत्र
विशाखा खंडवा में एक अकादमी खोलना चाहती हैं, जहां दिव्यांग और सामान्य, दोनों तरह के बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनका मानना है कि “यह दिमाग का खेल है, ज्यादा खर्च नहीं है। अगर बच्चे खेलेंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा।”
सन्दर्भ स्रोत/छाया : न्यूज 18
सम्पादन : मीडियाटिक



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