भोपाल की क्रिकेटर निकिता का भारतीय महिला टीम में चयन

blog-img

भोपाल की क्रिकेटर निकिता का भारतीय महिला टीम में चयन

भोपाल की प्रतिभाशाली ऑलराउंडर निकिता सिंह का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम में हुआ है। वे बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित होने वाले Rising Star Women’s T20 Asia Cup में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। निकिता को चोटिल खिलाड़ी नंदिनी कश्यप की जगह टीम में शामिल किया गया है। अचानक मिला यह अवसर उनके करियर के लिए एक सुनहरा मौका साबित हो सकता है।

घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर

निकिता सिंह ने पिछले वर्ष सेंट्रल ज़ोन टीम की उपकप्तान के रूप में प्रतिनिधित्व किया था और चैलेंजर ट्रॉफी में भी भाग लिया है। वे मध्य प्रदेश सीनियर महिला क्रिकेट टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं। एक मीडियम-फास्ट गेंदबाज़ और भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ के रूप में उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। विदर्भ के खिलाफ 24 रन देकर 3 विकेट, कर्नाटक और बंगाल जैसी मजबूत टीमों के विरुद्ध प्रभावशाली प्रदर्शन करने के साथ ही उन्होंने बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी, भोपाल के लिए उल्लेखनीय पारियां खेली हैं।

गेम चेंजर के रूप में पहचान

निकिता सिंह मैदान पर अपनी सटीक गेंदबाजी और दबाव में संयमित बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं। जरूरत पड़ने पर बड़े शॉट खेलने की उनकी क्षमता उन्हें “मैच विनर” बनाती है। चयन समिति को उनसे एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद है। निकिता के चयन की तुलना भारतीय स्टार खिलाड़ी शेफाली वर्मा से की जा रही है। शेफाली को भी एक बार चोटिल खिलाड़ी की जगह मौका मिला था और उन्होंने बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई थी। अब निकिता से भी वैसी ही उम्मीदें की जा रही हैं।

कोच केडी गुप्ता का मार्गदर्शन

निकिता की सफलता में उनके कोच केडी गुप्ता की अहम भूमिका रही है। कोच के अनुसार, निकिता मानसिक रूप से मजबूत और अनुशासित खिलाड़ी हैं। वे कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता रखती हैं। उनका अगला लक्ष्य सीनियर भारतीय टीम में स्थायी स्थान बनाना है।

 
 

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



खातून बी- गुल्लक के 2 हजार से शुरू की
न्यूज़

खातून बी- गुल्लक के 2 हजार से शुरू की , दुकान, अब हर दिन हजारों की कमाई

बुरहानपुर की खातून बी ने छोटे निवेश से बड़ा कमाल, 45 की उम्र में शुरू किया बिजनेस

पर्दे के पीछे से आगे आईं महिलाएं,
न्यूज़

पर्दे के पीछे से आगे आईं महिलाएं, , जैविक खाद बनाकर बनीं आत्मनिर्भर

कई महिलाओं की मासिक आय ₹8 से ₹10 हजार तक पहुंच गई है. उनका कहना है कि अब उन्हें किसी बाहर की नौकरी करने की जरूरत नहीं पड...

प्रमिला सायदाम - मुर्गी पालन और
न्यूज़

प्रमिला सायदाम - मुर्गी पालन और , जैविक खेती से बदली तकदीर

बड़वानी की प्रमिला  बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल, स्वयं सहायता समूह से मिली नई पहचान

कबाड़ से कला और रोजगार की मिसाल बनी सीधी की बीना
न्यूज़

कबाड़ से कला और रोजगार की मिसाल बनी सीधी की बीना

बिना किसी औपचारिक शिक्षा के, उन्होंने महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता के क्षेत्र में मिसाल कायम की है।

भाविनी  झा : मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी
न्यूज़

भाविनी  झा : मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी , छोड़ मछली पालन में बनाई पहचान

बिना अनुभव के शुरू किया मछली पालन, तकनीक और ट्रेनिंग से मिली सफलता’