सृष्टि प्रगट: पढ़ाई के दौरान शोध में जानी मध्यप्रदेश की

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सृष्टि प्रगट: पढ़ाई के दौरान शोध में जानी मध्यप्रदेश की
महिलाओं की स्थिति और करने लगीं समाजसेवा

छाया: यूपी 18 न्यूज 

• लंदन से आकर शुरू किया अपना एनजीओ ‘स्काई सोशल’

भोपाल। महिला सशक्तिकरण सहित अनेक सामाजिक मुद्दों पर काम कर रहीं ‘स्काई सोशल’ की फाउंडर सृष्टि प्रगट ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे सामाजिक कार्यों से भी जुड़ेंगी, लेकिन लंदन से डेवलपमेंट स्टडीज में एमएससी करने के दौरान शोध में मिले विषय ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। पढ़ाई से मिली जानकारी को केवल डिग्री तक ही सीमित न रखकर उन्होंने इस पर पर काम करने का निर्णय लिया और तमाम चुनौतियों को पार कर अपनी अलग राह और पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की।    

2016-2017 में लंदन से डेवलपमेंट स्टडीज में एमएससी करते समय उनके मुख्य विषय थे जेंडर और माइग्रेशन। भोपाल से होने के कारण उन्हें डिजरटेशन के लिए ‘मध्यप्रदेश में महिलाओं के साथ हिंसा पर क्या बदलाव’ विषय मिल गया। शोध करते समय उन्हें मध्य प्रदेश में महिलाओं की स्थिति के बारे में गहराई से जानने और समझने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि इस विषय पर मध्य प्रदेश में जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। तब उन्हें लगा कि अगर विदेश में रुक गई और यहां से उन महिलाओं के लिए काम किया तो शायद वह बदलाव नहीं ला पाऊं, जो चाहती हूं। इसलिए लंदन से वापस आ गईं। पहले दिल्ली में एक साल ऐसी संस्थाओं के साथ काम किया जो इसी तरह का काम कर रही थीं। उसके बाद 2018 में भोपाल आई और 2019 में अपनी संस्था ‘स्काई सोशल’ शुरू की। शुरुआत में उन्हें कई चुनौतियां का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

‘स्काई सोशल’ विभिन्न मुद्दों जैसे लैंगिक समानता से लेकर महिलाओं, बच्चों और युवाओं के कल्याण के लिए काम करती है। उन्होंने यूनिसेफ सहित कई ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन के साथ काम किया है।

 वाइटल वॉइस से मिला सम्मान

उल्लेखनीय है कि वाइटल वॉइस संस्था के विमन विजनरीज के लिए सृष्टि का चयन किया गया। इसके लिए विश्व भर से 50 महिलाओं को चुना गया था। इसमें भारत से 4 महिलाएं थीं। इसमें सृष्टि सबसे युवा उद्यमी थीं। ख़ास बात यह है कि सृष्टि प्रदेश की इकलौती महिला है, जिन्हें यह उपलब्धि हासिल हुई। यह अवॉर्ड उन्हें जेंडर सेंसेटाइजेशन और जेंडर इक्वेलिटी पर काम करने के लिए मिला है। गौरतलब है कि वाइटल वॉइस की को-फाउंडर हिलेरी क्लिंटन हैं। उन्होंने यह ऑर्गेनाइजेशन महिला नेता और उद्यमियों को मंच देने, प्रोत्साहित करने और आपस में एक- दूसरे के काम में सहयोग करने के लिए बनाई है। इस उपलब्धि से सृष्टि को अंतरराष्ट्रीय पहचान  हासिल हुई है।

सृष्टि भारत में महिलाओं/लड़कियों की शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य समेत उनसे जुड़े एवं अन्‍य प्रमुख सामाजिक मुद्दों पर प्रमुखता से काम करना चाहती हैं। उनका एनजीओ स्काई सोशल फिलहाल मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में ही काम कर रहा है, लेकिन उनके संगठन ने पंचायती राज विभाग के साथ मिलकर पूरे देश में काम किया है। इसके साथ ही स्काई सोशल ने महिला एवं बाल विकास विभाग, ग्रामीण विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के साथ मिलकर भी काम किया है। 

संदर्भ स्रोत: दैनिक भास्कर 

संपादन: मीडियाटिक डेस्क 

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