बीमारी को मात देकर 21 साल बाद मैदान में उतरीं

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बीमारी को मात देकर 21 साल बाद मैदान में उतरीं
निर्मला ने जीत लिए कई मेडल

छाया: मल्हार मीडिया 

• अब मलेशिया में दौड़ेंगी निर्मला

 जापान में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मास्टर गेम्स में करेंगी देश का प्रतिनिधित्व

 मई 2022 में तिरुअनंतपुरम में हुए नेशनल मास्टर्स में एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते

भोपाल। कभी लिवर इन्फेक्शन होने की वजह से मैदान से 21 साल तक दूर रही भोपाल की एथलीट निर्मला पाटिल अब विदेश में दौड़ लगाएगी। मलेशिया के क्वालालंपुर में 16 से 17 सितंबर में होने वाली 36वीं मास्टर अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप में निर्मला हिस्सा लेंगी। 50 साल की निर्मला 2 किलोमीटर पैदल चाल और 3000-1500 मीटर दौड़ कैटेगिरी में हिस्सा लेंगी। हाल ही में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में हुई नेशनल चैम्पियनशिप में निर्मला ने एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते हैं। मूलत: बालाघाट जिले की निर्मला भोपाल स्थित आईटीआई में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पिछले 12 साल से पदस्थ हैं। मिदनापुर में हुई चैम्पियनशिप के बाद उनका चयन मलेशिया में शुरू हो रही इंटरनेशनल चैम्पियनशिप के लिए किया गया। नौकरी में आने से पहले वे 17 नेशनल खेल चुकी थीं।

पैदल चलना सबसे मुश्किल

निर्मला पाटिल ने बताया कि क्वालालंपुर में वे पैदल चाल और दौड़ में हिस्सा लेंगी। पैदल चलना सबसे मुश्किल है। पहले ऐढ़ी और फिर पंजा रखना पड़ता है। यदि सामान्य चाल चलते हैं तो बाहर हो जाते हैं। इसलिए इसकी प्रैक्टिस भी जरूरी है। मिदनापुर में 5Km पैदल चाल में टाइमिंग 35 मिनट रही थी। वहीं, 10Km दौड़ में 45 मिनट का समय लगा था।

स्पोर्ट्स कोटे से मिली नौकरी, फिर दो साल ही खेल सकीं

5 अप्रैल 1973 को बालाघाट जिले के छोटे से गांव खेड़ी में जन्मी निर्मला ने 9 नवंबर 1998 को जबलपुर स्थित कौशल संचालनालय में नौकरी जॉइन की। इसके बाद वे सिर्फ दो साल ही खेल सकीं। फिर लिवर में इन्फेक्शन होने से नागपुर में भर्ती हुई। जहां उनका माइनर ऑपरेशन हुआ। इसके बाद उन्हें शारीरिक कमजोरी के कारण 21 साल तक मैदान से दूर रहना पड़ा। सालों तक मैदान से दूर रहने के बाद परिजनों और साथियों ने हिम्मत दी और फिर से मैदान में उतरने के लिए प्रोत्साहित किया। शुरुआत में काफी दिक्कतें हुईं, लेकिन हार नहीं मानी। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।

2 साल में नेशनल लेवल पर कई मेडल जीते

दोबारा मैदान में उतरते ही उन्होंने सिर्फ 2 साल में नेशनल लेवल पर मेडल की झड़ी लगा दी। 2021 में हरियाणा में हुए ऑल इंडिया सिविल सर्विसेस गेम्स में पहुंची यहां मेडल नहीं मिला, लेकिन इसके बाद मई 2022 में तिरुअनंतपुरम में हुए नेशनल मास्टर्स में एक गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीते। यहां उन्होंने 5000 मीटर पैदल चाल में पहले स्थान पर रहकर गोल्ड मेडल जीता। 400 मीटर बाधा दौड़ में एक सिल्वर मेडल जीता।

अब करेंगी देश का प्रतिनिधित्व

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर में आयोजित इंडिया मास्टर्स एथलीट्स मीट्स में उन्होंने 40 - 45, 5000 मीटर पैदल चाल में गोल्ड मेडल जीता। उनकी यह उपलब्धियां देखते हुए अजाक्स ने उन्हें महिला विंग का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। 10 किमी दौड़ में दूसरे स्थान पर रहीं। मिदनापुर में 10 किमी दौड़ और 1500 मीटर दौड़ में वे दूसरे स्थान पर रही। इस चैंपियनशिप में श्रीलंका, बांग्लादेश एवं नेपाल के भी एथलीट्स शामिल हुए थे। अब जापान में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मास्टर गेम्स में वे देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

सन्दर्भ स्रोत: दैनिक भास्कर 

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