नर्मदापुरम की महिला किसान कंचन ने

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नर्मदापुरम की महिला किसान कंचन ने
अपने खेत में उगा दी आन्ध्र की हल्दी

छाया: ईटीवी

• गेहू पैदावार में कृषि कर्मण अवार्ड जीत चुकी हैं कंचन

नर्मदापुरम खेती आमतौर पर पुरुषों का काम माना जाता है, लेकिन नर्मदापुरम  जिले के ग्राम सोमलबाड़ा की कंचन वर्मा ने इस मिथक को झुठला दिया है। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद सरकारी नौकरी करने की बजाय उन्होंने परम्परागत खेती को अपना व्यवसाय बनाया। इतना ही नहीं, अच्छी फसल उत्पादन कर पूरे देश में अपनी पहचान भी बनाई है। सर्वाधिक फसल उत्पादन लेने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कर्मण अवार्ड से सम्मानित कंचन ने अब अपने खेत में आंध्रप्रदेश की सोरमा किस्म की हल्दी पैदा कर नया कीर्तिमान बनाने के साथ हर साल लाखों रुपए का मुनाफा भी लेना शुरू कर दिया है। महिला किसान की देसी तकनीक देखकर जिले में पहली बार उद्यानिकी विभाग द्वारा हल्दी की बोवनी का लक्ष्य तय कर हल्दी की खेती को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।

• 100 क्विंटल पैदावार

इटारसी के ग्राम सोमलबाड़ा की कंचन वर्मा ने बीए होमसाइंस की पढ़ाई की है। उन्होंने चार एकड़ के खेत में खेती को लाभ का धंधा बनाने के उद्देश्य से आंध्रप्रदेश में मिलने वाली प्रसिद्ध सोरमा (किस्म) की हल्दी लगाई।  उनकी मेहनत के परिणाम स्वरूप खेतों से प्रति एकड़ 100 क्विंटल हल्दी की पैदावार हुई।

• मुनाफे का गणित

कंचन के अनुसार 100 क्विंटल गीली हल्दी से 16 क्विंटल हल्दी तैयार हुई। एक एकड़ में लागत 60 हजार रुपए आई। 16 क्विंटल हल्दी बेचने पर 1.60 लाख रुपए मिले। यानी एक लाख की आय हुई। चार एकड़ में चार लाख की आय हुई। इस बार फिर हल्दी लगाई है। रोपों से पौधे निकलने लगे हैं।

•  85 हेक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य]

उल्लेखनीय है कि कंचन ने एक एकड़ में 40 क्विंटल गेहूं की पैदावार लेकर 2020 में कृषि कर्मण अवॉर्ड जीता था। बेंगलूरु के तुमकुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान कंचन को अवॉर्ड प्रदान किया था। किसान कंचन की मेहनत के बाद हल्दी में हुए मुनाफे को देखकर उद्यानिकी विभाग ने भी नर्मदापुरम जिले में हल्दी लगाने की तैयारी की। उद्यानिकी विभाग की उप संचालक रीता उईके ने बताया कि नर्मदापुरम जिले में पहली बार 85 हेक्टेयर के रकबे में हल्दी लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने बताया कि सिवनी मालवा, पिपरिया आदि क्षेत्रों में किसानों को हल्दी की फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है

•  शहरों में भी हैं मांग

हमारी हल्दी की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि आसपास के गांव और शहरों से लोग हल्दी लेने आते हैं। इस बार रोपों से पौधे निकलने लगे हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि पैदावार अच्छी होगी।

कंचन वर्मा, किसान

संदर्भ स्रोत: पत्रिका 

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