महिला सुरक्षा को लेकर साइकिल पर आशा

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महिला सुरक्षा को लेकर साइकिल पर आशा
तय की साढ़े 22 हज़ार किमी दूरी

छाया: पत्रिका

 

 

  • साइकिलिस्ट आशा मालवीय की यात्रा का 15 अगस्त को नई दिल्ली में होगी समाप्त
  • आशा नई दिल्ली से वापस भोपाल 30 अगस्त को साइकिल चलाकर ही पहुंचेंगी
  • मप्र स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल से पर्यटन और संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने फ्लेग आफ किया था

भोपाल पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा हेतु जागरूकता को लेकर राजगढ़ जिले की आशा मालवीय द्वारा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू की गई साइकिल यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रोत्साहन से हो रही यात्रा में आशा द्वारा अब तक 27 राज्यों में 22 हजार पांच सौ किलोमीटर की यात्रा की जा चुकी है। वे 15 अगस्त तक नई दिल्ली पहुंचेंगी। यहां उनकी यात्रा का औपचारिक समापन होगा। आशा नई दिल्ली से वापस भोपाल 30 अगस्त को साइकिल चलाकर ही पहुंचेंगी। आशा मालवीय ने भारत भ्रमण के दौरान देश के 27 राज्यों की 22 हजार 500 किमी दूरी तय की है।

27 घंटे लगातार 388 किमी की यात्रा

आशा ने बताया कि इसी तरह नॉर्थ ईस्ट के रास्तों ने मेरी खूब परीक्षा ली। यहां कभी घाटियां तो कभी ऊंची-ऊंची चढ़ाई थका देने वाले होती थी। पूरी यात्रा के दौरान सेना ने मेरी मदद की। मैं सफर के दौरान रात में भी साइकिल चलाती थी। मैंने 27 घंटे तक 388 किलोमीटर की यात्रा भी की।

कई बार वापस पीछे लौटकर किसी गांव में शरण लेनी पड़ी

हिमाचल प्रदेश और नॉर्थ इस्ट में मुझे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश में जमकर बारिश हो रही थी। इस कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहा था, मुझे तीन से चार दिन तक रुकना पड़ा। कई बार वापस पीछे लौटकर किसी गांव में शरण लेनी पड़ी, लेकिन मेरे मन में कभी ये डर था ही नहीं कि मैं लौट जाऊं। मैं देहरादून से शिमला जाने का लक्ष्य लेकर निकली थी, वहां पहुंचकर ही मानी।

आशा ने बताया कि मुझे आंध्रप्रदेश, त्रिपुरा और असम सरकार ने नौकरी के लिए प्रस्ताव भी दिया। इस यात्रा के लिए मैंने छह माह पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। उस समय मेरे पास सामान्य साइकिल ही थी, उसी से प्रैक्टिस करती थी। मप्र टूरिज्म बोर्ड ने जीपीएस युक्त हाइब्रिड साइकिल रोम-2 उपलब्ध कराई। मैं दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलना चाहती हूं।

 

इन राज्यों में कर चुकी हैं भ्रमण: 

आशा अभी तक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जम्मू एवं कश्मीर राज्यों का सफर कर चुकी हैं।

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प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों का प्रचार: पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि देश भ्रमण के दौरान आशा द्वारा प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों का प्रचार किया गया एवं प्रदेश शासन के महिला सशक्तिकरण अभियान की संदेशवाहक रहीं।आशा ने टूरिज्म बोर्ड द्वारा भारत सरकार के निर्भया फंड के तहत संचालित महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। लंबी यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए साइकिलिंग किट भी दी गई है।

संदर्भ स्रोत: नई दुनिया

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