पिता बेचते हैं सब्जी, बेटी ने ‘पंच’ से पहले ही नेशनल में जीत लिया मेडल

blog-img

पिता बेचते हैं सब्जी, बेटी ने ‘पंच’ से पहले ही नेशनल में जीत लिया मेडल

छाया: उज्ज्वल प्रदेश डॉट कॉम

अब देश के लिए खेलना चाहती हैं नीलम

भोपाल। जोश, जुनून, काबिलियत और कुछ करने का जज्बा हो तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कर दिखाया है बॉक्सिंग खिलाड़ी नीलम कुशवाह ने। उन्होंने आर्थिक तंगी के बीच बॉक्सिंग में नाम किया है। मणिपुर में खेले गए जूनियर नेशनल में नीलम ने कांस्य पदक जीता है। यह उनका पहला नेशनल रहा, लेकिन नीलम की कहानी उन्हें सभी से अलग बनाती है। उनके पिता गणपत कुशवाह सब्जी बेचते हैं। वे बेटी को बॉक्सिंग में आगे बढ़ाना चाहते हैं। बेटी भी पिता के सपने को पूरा करने के लिए कदम बढ़ा चुकी है।

मंडीदीप निवासी नीलम ने बताया, पिता के कहने पर मैंने बॉक्सिंग को चुना है। क्योंकि उन्हें मैरीकॉम पसंद है। इसलिए वो मुझे भी देश के लिए खेलता देखना चाहते हैं। मैंने पहले दो स्टेट खेले हैं। उनमें पदक भी जीते हैं।

संदर्भ स्रोत – पत्रिका

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की
न्यूज़

गरीबी से सफलता तक: मध्यप्रदेश की , भगवती देवी बनीं ट्रैक्टर उद्यमी

हरदोली गांव की महिला ने दिखाया संघर्ष और आत्मनिर्भरता का रास्ता

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच'
न्यूज़

महिलाओं की संस्था 'सकारात्मक सोच' , ने बदली स्कूल और आंगनवाड़ी की तस्वीर

शिक्षा और पर्यावरण में योगदान- स्कूलों में अब वाटर कूलर, पंखे, एलईडी के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग भी

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से
न्यूज़

नो केमिकल हर्बल प्रोडक्ट से बीमारियों से , सुरक्षा उज्जैन की छात्राओं का अनोखा नवाचार

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बनाया हर्बल प्रोडक्ट, डेली यूज की चीजें, खाने पीने के सामान क...

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों
न्यूज़

मां यशोदा बनकर सैकड़ों कुपोषित बच्चों , को नई जिंदगी  दे रही रीवा की ममता

सामाजिक सेवा से मिलती है संतुष्टि - आठ साल पहले पहली बार 47 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था।