छाया : द एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल, इंदौर के फेसबुक पेज से
मेहनत, लगन और सही सोच के दम पर कोई भी व्यक्ति वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकता है, इसे सच कर दिखाया है इंदौर की साहिबा पाटनी ने। एक समय ऐसा भी था जब उन्हें लंदन में खर्च निकालने के लिए एक ही दिन में 4-4 नौकरियां करनी पड़ीं, और आज वे एक सफल स्टार्टअप फाउंडर बन चुकी हैं।
साहिबा लंदन स्थित डिजिटल डिलीवरी स्टार्ट-अप ‘WeDeliver’ की संस्थापक हैं। उनके नेतृत्व में यह कंपनी तेजी से आगे बढ़ी है और आज यूके व यूरोप के 500 से अधिक रिटेलर्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ चुकी है। इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों को ऑनलाइन आने और अपने कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल रही है। उनकी शुरुआती पढ़ाई इंदौर के एमरल्ड हाइट्स स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इंदौर से बीकॉम के साथ सीएस की पढ़ाई की। विदेश में पढ़ाई का लक्ष्य लेकर वे 2014 में लंदन पहुंचीं और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से फाइनेंस में एमएससी पूरी की। 2016 में उन्हें पीएचडी का प्रस्ताव भी मिला। पढ़ाई के दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट छात्रों को पढ़ाया भी।
हालांकि विदेश में शुरुआत आसान नहीं थी। महंगे शहर लंदन में खर्च निकालने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष करना पड़ा।वीजा और नौकरी की चुनौतियों के बीच उन्होंने 6–8 महीनों तक एक साथ 4 नौकरियां कीं। दिन में यूनिवर्सिटी में पढ़ाना, रात में लाइब्रेरियन का काम, साथ ही मैनेजर और कॉफी शॉप में भी काम किया। पीएचडी के बाद उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में अपना पहला व्यवसाय शुरू किया, जहां वे निवेशकों से फंड जुटाकर छोटे डेवलपर्स को फाइनेंस दिलाती थीं। इस काम में उन्होंने करीब 10 मिलियन पाउंड का फंड जुटाया और निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी दिलाया।
इसके बाद उन्होंने ‘WeDeliver’ की शुरुआत की, जो यूके और यूरोप में रहने वाले लोगों को एक घंटे के भीतर ग्रॉसरी और अन्य सामान डिलीवर करता है। इस प्लेटफॉर्म पर चंदेरी और महेश्वरी साड़ी, भारतीय मसाले और अन्य एथनिक उत्पाद भी उपलब्ध हैं। आज यह कंपनी यूके के साथ जर्मनी, एम्स्टर्डम और पोलैंड में भी काम कर रही है। WeDeliver ऐप यूके के टॉप 100 सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले ऐप्स में शामिल हो चुका है।
अगस्त 2025 को लंदन में आयोजित लोकमत ग्लोबल इकोनॉमिक कन्वेंशन में ‘ग्लोबल सखी अवार्ड’ से सम्मानित साहिबा आज न सिर्फ एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी हैं। वे डिजिटल तकनीक के जरिए नए अवसर पैदा कर रही हैं और यह साबित कर रही हैं कि कठिनाइयों के बावजूद सफलता हासिल की जा सकती है।
सन्दर्भ स्रोत : दैनिक भास्कर
सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क



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