अंजना का साइकिल पर हरित संकल्प: 4600

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अंजना का साइकिल पर हरित संकल्प: 4600
किमी चलाकर पर्यावरण और फिटनेस का संदेश

भोपाल। इरादे अगर पर्वतों से ऊंचे हो तो रास्तों की थकान और मीलों की दूरी कोई मायने नहीं रखती। भोपाल के पास एक छोटे से गांव सेमरी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाने वाली पर्वतारोही अंजना यादव ने इसे सच कर दिखाया है। पर्यावरण संरक्षण और फिटनेस का अनूठा संदेश लेकर अंजना ने साइकिल से अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक 4600 किलोमीटर की दूरी नाप दी।

‘पेडल टू प्लांट’ मिशन के तहत अंजना ने 62 दिनों में यह लंबा सफर तय किया। 31 अक्टूबर को देश के पूर्वी छोर अरुणाचल प्रदेश से शुरू हुई यह यात्रा कड़ाके की ठंड, कठिन रास्तों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद 31 दिसंबर को गुजरात में संपन्न हुई। यात्रा के समापन पर अदानी ग्रुप द्वारा अंजना का भव्य सम्मान किया गया। इस पर्यावरण मिशन के दौरान अंजना ने देश के सात राज्यों और 100 से अधिक शहरों में पहुंचकर एक लाख से ज्यादा पौधे लगाने का संकल्प लिया। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। 

अंजना का यह मिशन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को समर्पित है। वे कहती हैं मेरा मकसद सिर्फ देश के लिए कुछ करना है। मुझे लगा कि सिर्फ पहाड़ चढ़ना ही काफी नहीं है, धरती को बचाने के लिए जमीनी स्तर पर भी कुछ करना होगा। अंजना ने बताया कि इस सफर में चुनौतियां कई थीं, लेकिन खेल और एडवेंचर ने उन्हें कभी हार न मानना सिखाया। वे शारीरिक शिक्षा में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं और आरजीपीवी से कबड्डी की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी रही हैं। उनका अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य वर्ष 2026 में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है।

गौरतलब है कि अंजना पिछले सात वर्षों से एडवेंचर स्पोर्ट्स में सक्रिय हैं। वे यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस और ऑस्ट्रेलिया की माउंट कोसियसको पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं।

20 से अधिक शिखरों पर फहराया परचम 

अंजना यादव की उपलब्धियां केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं हैं। वे अब तक 20 से अधिक पर्वत शिखरों को फतह कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कबड्डी, खो-खो और हॉकी में 17 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। एसबीआई मैराथन (21 किमी) में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। रायसेन के सेमरी गांव की यह बेटी आज देश के लाखों युवाओं के लिए हरित भविष्य की प्रेरणा बन चुकी है।

सन्दर्भ स्रोत/छाया  : अंजना यादव 

संपादन : मीडियाटिक डेस्क

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