मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की मऊसहानियां ग्राम पंचायत की सरपंच साक्षी सोनी आज “FD दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। उनकी अनोखी पहल ने गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में बेटियों के प्रति सोच बदलने का काम किया है।
सरपंच बनते ही लिया बेटियों के लिए संकल्प
महज 24 साल की उम्र में सरपंच बनने के बाद साक्षी ने यह ठान लिया कि गांव में जन्म लेने वाली हर बेटी को आर्थिक सुरक्षा दी जाएगी। उनके इस फैसले को गांववालों का भी भरपूर समर्थन मिला। गांव में जब भी किसी घर में बेटी का जन्म होता है, तो साक्षी खुद ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ वहां पहुंचती हैं। पूरे गांव के साथ मिलकर बेटी के जन्म को उत्सव की तरह मनाया जाता है और मिठाइयां बांटी जाती हैं। इस पहल के बाद गांव में बेटियों को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव आया है। अब बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि परिवार का गर्व और सहारा माना जाने लगा है।
हर नवजात के नाम 1100 रुपये की एफडी
साक्षी हर नवजात बेटी के नाम 1100 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कराती हैं। साथ ही बच्ची का बैंक खाता भी खुलवाया जाता है, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित रह सके। पिछले तीन वर्षों में इस पहल के तहत 26 बेटियों के नाम एफडी कराई जा चुकी है। यह अभियान लगातार जारी है और आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया गया है।
गरीब परिवार की बेटियों को गोद लेकर निभा रहीं जिम्मेदारी
साक्षी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की मदद के लिए उन्हें गोद भी लेती हैं। एक बेटी की शिक्षा, पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी उन्होंने खुद उठाई है और उसके नाम अतिरिक्त एफडी भी कराई है। साक्षी का कहना है कि जब तक उनके पास सामर्थ्य है, वह इस पहल को जारी रखेंगी। उनका उद्देश्य है कि हर बेटी का जन्म सम्मान और खुशी के साथ मनाया जाए और उसे सुरक्षित भविष्य मिल सके।
सन्दर्भ स्रोत/छाया : ईटीवी
संपादन : मीडियाटिक डेस्क



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