कर्नाटक हाईकोर्ट- महिला से हैवानियत पर

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कर्नाटक हाईकोर्ट- महिला से हैवानियत पर
तमाशबीनों से की जाए वसूली

छाया: ईटीवी भारत 

बेंगलुरु। बेलगाम जिले के बेलगावी में महिला के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे गांव को दंडित करने और जुर्माना लगाने की बात कही है। हाईकोर्ट ने कहा कि जो लोग भी इस घटना के दौरान मूकदर्शक बने खड़े थे, उनसे फाइन लिया जाए और उस हर्जाने को इकट्ठा कर पीड़ित महिला को दे दिया जाए।

कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और कृष्ण दीक्षित की बेंच ने मौके पर मौजूद लोगों की निंदा की है जो चुपचाप तमाशबीन बने देखते रहे। ब्रिटिश सरकार भी इस तरह के मामले में पुंडकंडाया टैक्स वसूलती थी। कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से भगवान कृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई, आज के वक्त में कोई उस तरह नहीं आने वाला। कोर्ट जांच से भी बहुत हद तक संतुष्ट नजर नहीं आया। उच्च न्यायालय ने इस मामले में एडिशनल स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है।

क्या था मामला, कहां पहुंची जांच?

11 दिसंबर को महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई। फिर उसे नग्न घुमाया गया। यही नहीं उसे बिजली के खंभे से भी बांधा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित महिला का बेटा एक लड़की के साथ भाग गया था, जबकि उस लड़की की सगाई किसी और के साथ होने वाली थी।कर्नाटक सरकार भी इस मामले को लेकर लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रही है। परेड कराने के मामले की जांच सीआईडी को भी सौंप दी गई है।

सन्दर्भ स्रोत : विभिन्न वेबसाईट 

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