इंजीनियरिंग छोड़ शुरू किया मछली पालन, अब कमाती हैं लाखों

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इंजीनियरिंग छोड़ शुरू किया मछली पालन, अब कमाती हैं लाखों

छाया: वन इण्डिया डॉट काम

इंजीनियर की नौकरी छोड़ मछली पालन का कारोबार शुरू करने वाली लवली गुप्ता उन युवाओं के लिए मिसाल हैं, जो डिग्री हासिल कर नौकरी के पीछे भाग रहे हैं। नौकरी के दौरान 30 हजार वेतन पाने वाली लवली अब न सिर्फ हर साल लगभग 100 टन मछली का उत्पादन कर 12 से 15 लाख रुपए कमा रही हैं, बल्कि अब दूसरों के लिए रोजगार भी मुहैया करा रही हैं।

लवली ने साल 2020 तक मंडीदीप स्थित एक निजी कंपनी में केमिकल इंजीनियर की नौकरी करती थीं, जहाँ उन्हें 30 हजार वेतन मिलता था। उन्हें जब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिली तो उन्होंने नौकरी छोड़  मछली पालन शुरू करने का निर्णय किया और 2020-21 में उन्होंने नौकरी छोड़ ग्राम डोबरा जागीर स्थित 5 एकड़ भूमि में समृद्धि मछली फार्म हाउस शुरू किया। लवली ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020 21 में पूरा 1 साल का समय मछली पालन के लिए पॉलीहाउस बनाने में लगा इसमें उन्होंने 15 हजार लीटर के 50 टैंक बायोपलाक तकनीक से बनवाएं और 8 लाख लीटर के 8 टैंक रीसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम (आरएएस) तकनीक से बनवाए। इसके अलावा उन्होंने कुछ छोटे तालाबों का भी निर्माण कराया इसके तैयार होने के बाद से भी अब तक वित्तीय साल 2021-22 और 2022-23 में 3 बार लगभग 100 टन मछली का उत्पादन कर 12 से 15 लाख रुपए का कारोबार कर चुकी है।

• 1 करोड़ 25 लाख रुपये का निवेश
मूलत: दतिया की रहने वाली 35 वर्षीय लवली के पति अभीतेंद्र चौहान भी खुद का कारोबार करते हैं। जब लवली ने नौकरी छोड़कर मछली पालन शुरू करने का निर्णय अपने पति को बताया तो उन्होंने हौसलाअफजाई करते हुए सहयोग करने का वादा भी किया। बस फिर क्या था लवली ने भोपाल के रायसेन रोड स्थित डोबरा जांगिड़ गांव में 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से फॉर्म हाउस तैयार कर मछली पालन का उत्पादन शुरू कर दिया. लवली ने बताया कि मछली पालन शुरू करने में सरकार की तरफ से उन्हें बड़ी मदद के लिए लगभग 67 लाख  रूपये की राशि उन्हें सब्सिडी की तौर पर उपलब्ध कराई गई हैं। सरकार ने निशुल्क प्रशिक्षण भी दिलवाया सीखने के बाद ही मछली पालन कर लाभ कमा रही हैं।

• 3 तरह की मछली का करती है उत्पादन
पाली हाउस में बने बायो प्लांट में लवली तीन प्रकार की मछलियों का उत्पादन करती हैं। इसमें पेगासस, तिलापिया और सिंघी मछली शामिल है। पेगासस और तिलापिया मछली की बाजार में अधिक मांग होती है।

• रोजगार का माध्यम भी बनी लवली
अपने इस कारोबार में लवली ने 5 से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया है। 5 लोगों को उन्होंने 12 से 15000 के वेतन पर रखा है। यह सभी मछली उत्पादन से संबंधित कार्य संभालते हैं।

सन्दर्भ स्रोत : वन इंडिया डॉट कॉम
संपादन- मीडियाटिक

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