योग से गया रोग, अब लोगों को जागरूक कर रहीं नीलोफर

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योग से गया रोग, अब लोगों को जागरूक कर रहीं नीलोफर

छाया- दैनिक भास्कर 

भोपाल। एक समय अर्थराइटिस, सर्वाइकल एवं गठिया जैसे गंभीर रोगों की पीड़ा का दंश झेल चुकी 63 वर्षीय नीलोफर खान योग के जरिये न सिर्फ खुद स्वस्थ हुईं, बल्कि आज वे लोगों को भी स्वास्थ्य लाभ दे रही हैं। गिन्नौरी निवासी रिटायर्ड सूबेदार नीलोफर को पहले दर्द से निजात पाने दवाइयों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन 20 साल पहले उन्होंने योगासन सीखा और खुद को योग के जरिए ठीक किया, अब दूसरों को योग के लाभ बताकर उन्हें स्वस्थ रहने की राह दिखा रही हैं। वे अब तक 10 हजार से अधिक महिलाओं को योग शिविर लगाकर प्रशिक्षण दे चुकी हैं।

गठिया और अन्य रोगों से पीड़ित नीलोफर दर्द के कारण अपने दैनिक कार्य भी बड़ी मुश्किल से कर पाती थीं। उस समय पुलिस मुख्यालय में पदस्थ नीलोफर ने रोग मुक्ति के लिए कई उपाय किये, लेकिन उनका मर्ज ठीक होने के बजाय बढ़ता ही गया। इसी बीच उन्होंने कहीं पढ़ा कि योग से गंभीर बीमारी से भी मुक्ति पाई जा सकती है। तब उन्होंने नौकरी के दौरान ही 2005 में बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के योगिक साइंस सेंटर एवं कमला पार्क स्थित योग केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नियमित योगासन करना शुरू किया। कुछ दिन में ही उन्हें दर्द से राहत मिलने लगी। योगाभ्यास से जब वे खुद को स्वस्थ महसूस करने लगीं, तब उन्होंने संकल्प लिया कि सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक सरोकार से जुड़कर योग के द्वारा लोगों को खासकर महिलाओं को स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करेंगी। नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने महिलाओं के लिए बाकायदा शिविर लगाना शुरू किया। योग प्रशिक्षण के माध्यम से अब तक वे 10 हजार से अधिक लोगों को स्वास्थ्य लाभ दे चुकी हैं।

 

नीलोफर भुजंगासन, पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, धनुरासन, मत्स्यासन, पादहस्तासन, सर्वांगासन,  मयूरासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन सहित विभिन्न प्रकार के योग शिविर में सिखाती हैं। प्रशिक्षण के दौरान ताली योग, हास्य योग एवं फन योग भी कराए जाते हैं।
 

योग के लिए करती हैं प्रेरित

वर्तमान में कमला पार्क में नीलोफर खान हर तबके, आयु वर्ग और विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रस्त महिलाओं को योग प्रशिक्षण दे रही हैं। नीलोफर योग उपचार से पहले मन, शरीर और आत्मा का  संतुलन करना सिखाती हैं। इसमें मेडिटेशन, ध्यान और प्राणायाम कराए जाते हैं। इसके बाद महिलाओं को योगिक क्रिया कराई जाती हैं। जब शरीर में लचीलापन आ जाता है, तब विभिन्न प्रकार के आसन कराए जाते हैं। स्वस्थ रहने के लिए वे लोगों को योग करने के लिए प्रेरित करती हैं

सूबेदार पद से सेवानिवृत्त
नीलोफर खान 1984 में सहायक उपनिरीक्षक के पद पर नियुक्त होकर पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा में पदस्थ हुईं। 37 वर्ष नौकरी पूर्ण करने के बाद वे पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुईं। पुलिस मुख्यालय में विशेष गतिविधियों में भी सक्रिय रहकर अनेक प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया।

सन्दर्भ स्रोत- दैनिक भास्कर 

संपादन – मीडियाटिक

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