जानी-मानी समाज सेविका डॉ. रजनी भंडारी थैलेसीमिया से पीड़ित साधनहीन परिवार के बच्चों के लिए उम्मीद की पहली किरण मानी जाती हैं। उनका...
‘अम्माँ ‘ के नाम से लोकप्रिय कुसुम जी सादा जीवन- उच्च विचार की जीती-जागती तस्वीर थीं। उनका जीवन गांधी जी के सिद्धांतों एवं विचारों...
42 साल की प्रतिभा पिछले 7 सालों से ऑर्गेनिक खेती करने के साथ-साथ किसानों को उनके उत्पादों के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध करवा रही हैं.
विदिशा ज़िले की लटेरी तहसील के छोटे से गांव मुरवास में वर्ष 1983 में जन्मीं शिखा जैन प्रदेश की सफल महिला किसानों में शामिल हैं।
दमयंती जी को सरकारी नौकरियों और पारंपरिक जीवन शैली ने कभी आकर्षित नहीं किया लेकिन परिजनों का मन रखते हुए 1993 में वे नवोदय विद्याल...
छतरपुर जिले में महिलाओं को न केवल बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में बल्कि उनकी हर परेशानी में साथ खड़े रहकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने म...

