सृष्टि तिवारी : आंखों के बिना पास की पीएससी परीक्षा,

blog-img

सृष्टि तिवारी : आंखों के बिना पास की पीएससी परीक्षा,
बनीं श्रम पदाधिकारी

छाया : वर्डप्रेस डॉट कॉम

जन्म से 100 प्रतिशत दृष्टि बाधित राजधानी भोपाल की सृष्टि तिवारी ने सफलता की ऐसी नज़ीर पेश की है,  जो हर एक के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी विकलांगता को अपनी सफलता की राह में बाधा नहीं बनने दिया और कमजोरियों को हराकर एमपी-पीएससी की परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है।

दृष्टिहीनों के लिए कोई कोचिंग न होने से मां सुनीता तिवारी ने मोबाइल में पाठ्य सामग्रियों का वॉयस डेटा तैयार किया। सृष्टि ने इसी से पढ़ाई की और रोज 8-10 घंटे मेहनत कर श्रम पदाधिकारी के तीन पदों में से एक पर काबिज हो गईं। 27 साल की सृष्टि अवधपुरी की वेदवति कॉलोनी में रहती हैं। उन्होंने इंदौर में पद संभाल लिया है।

मां सुनीता और सूक्ष्म एवं लघु उद्योग से रिटायर्ड पिता सुनील तिवारी ने पूरा जीवन बेटी के लिए समर्पित कर दिया। इकलौती संतान सृष्टि का 21 अगस्त को इंटरव्यू था। इसी बीच सुनीता के कैंसर से पीडि़त होने की जानकारी मिली।  डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी। सृष्टि का इंटरव्यू न बिगड़े, इसलिए सुनीता ने यह बात छिपाई और सर्जरी टाल दी। सुनीता 10वीं-12वीं में भी टॉप-10 में रही हैं।

सन्दर्भ स्रोत : पत्रिका

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



दुबई में भोपाल की कलाकार नवाब जहां की 6 पेंटिंग्स प्रदर्शित
न्यूज़

दुबई में भोपाल की कलाकार नवाब जहां की 6 पेंटिंग्स प्रदर्शित

जावेद अख्तर ने की लाइव कैलीग्राफी पेंटिंग की तारीफ, अब पेरिस में भी होंगी प्रदर्शित

दृष्टिबाधा को मात देकर इतिहास रचने वाली
न्यूज़

दृष्टिबाधा को मात देकर इतिहास रचने वाली , दुर्गा येवले को प्रधानमंत्री ने किया सम्मानित

महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ छात्रावास इंदौर में पढ़ाई के दौरान क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन एमपी के अध्यक्ष सोनू गोलक...

दिव्यांगजन दिवस 2025 : पूजा गर्ग  को राष्ट्रीय सम्मान
न्यूज़

दिव्यांगजन दिवस 2025 : पूजा गर्ग को राष्ट्रीय सम्मान

पूजा ने नाथुला दर्रे पर तिरंगा फहराने वाली विश्व की पहली महिला होने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स : मप्र की
न्यूज़

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स : मप्र की , बुशरा खान ने जीता स्वर्ण

दौड़ की शुरुआत से ही बुशरा ने स्थिर रफ्तार बनाए रखी। हर राउंड में उनकी पकड़ मजबूत रही और उन्होंने आखिरी तक बढ़त बरकरार र...