विदेश से आकर बहू ने सास-ससुर पर दर्ज कराया

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विदेश से आकर बहू ने सास-ससुर पर दर्ज कराया
केस, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

देश में रहते हुए ससुराल से अलग जीवन बिताने के बावजूद भारत आकर सास-ससुर पर दहेज उत्पीड़न और मारपीट का मुकदमा दर्ज कराने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को संदिग्ध मान बहू को नोटिस जारी किया है और सास-ससुर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने अलीगढ़ निवासी याची की एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया।

अलीगढ़ के प्रिंस नगर कॉलोनी निवासी पूनम गोस्वामी, केशव देव गोस्वामी के खिलाफ उनकी बहू ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के आरोपों में सासनी गेट थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। याचियों ने हाईकोर्ट में एफआईआर को चुनौती दी है। याचियों की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि उनके बेटे मोहित गोस्वामी की शादी 2021 में प्रिया से हुई थी। शादी के तुरंत बाद ही बहू पति संग अमेरिका चली गई। इसके बाद दोनों कुछ समय के लिए राजस्थान घूमने गए और फिर स्थायी रूप से इजरायल में रहने लगे।

अधिवक्ता ने बताया कि मोहित गोस्वामी ने पत्नी की पढ़ाई के लिए इस्राइल की यूनिवर्सिटी में अपने खर्च पर पीएचडी में दाखिला कराया। आरोप है कि इजराइल में देर रात पार्टियों से लौटने पर पति की आपत्ति से नाराज होकर पत्नी ने धमकी दी कि वह उसे और उसके परिवार को ऐसे मुकदमों में फंसा देगी कि सात जन्म तक याद रखोगे।

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इसके बाद बहू भारत आई और सास-ससुर व पति के एक मित्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गाली गलौज के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं, याचियों के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता ने स्वयं स्वीकार की है कि मारपीट की घटना इस्राइल में हुई थी। जिस दिन अलीगढ़ में मारपीट की बात कही गई, उस दिन वह पति संग राजस्थान के एक होटल में ठहरी थी। पति ने फोन पर पत्नी की धमकी की जानकारी मां को देने पर स्थानीय थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल विदेश का बताकर कोई कार्रवाई नहीं की। 

पति-पत्नी दोनों वर्तमान में विदेश में रह रहे हैं और बहू ने घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज कराया है। इसके बाद वह इस्राइल में पति से अलग रह रही है। शादी के बाद से ही दोनों का याचियों के साथ कोई संयुक्त निवास नहीं रहा। कोर्ट ने पत्नी को नोटिस जारी कर राज्य सरकार से चार सप्ताह मे जवाब तलब किया है। साथ ही अगली सुनवाई तक सास-ससुर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

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