अहमदाबाद फैमिली कोर्ट: पति की सहमति के

blog-img

अहमदाबाद फैमिली कोर्ट: पति की सहमति के
बिना 'खुला' के जरिए तलाक की इजाजत,

अहमदाबाद फैमिली कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को मजबूती प्रदान की है। अदालत ने कहा कि महिला बिना पति की सहमति के भी खुला (Khula Divorce) के जरिए तलाक ले सकती है, बशर्ते वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करे।

 क्या है खुला (Khula Divorce)?

इस्लामिक कानून के तहत खुला वह प्रक्रिया है जिसमें पत्नी स्वयं विवाह समाप्त करने की मांग करती है। पति द्वारा दिए गए तलाक को तलाक कहा जाता है, जबकि पत्नी द्वारा शुरू किया गया अलगाव खुला कहलाता है।

कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:

मुस्लिम पत्नी को खुला तलाक का अधिकार है

इसके लिए कोर्ट जाना आवश्यक है

शरीयत काउंसिल जैसी संस्थाओं के पास अंतिम अधिकार नहीं है

 मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला एक असिस्टेंट प्रोफेसर महिला से जुड़ा है, जिन्होंने 2019 में मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह किया था। बाद में उन्होंने पति पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें:

चरित्र पर शक

गर्भावस्था के दौरान मानसिक उत्पीड़न

गूगल लाइव लोकेशन से निगरानी

मारपीट और प्रताड़ना

पति का आपराधिक इतिहास छिपाना

बच्चे की कस्टडी

कोर्ट ने दंपती के नाबालिग बेटे की कस्टडी मां को सौंप दी है।

सबूतों की जांच

अदालत ने सभी दस्तावेजों जैसे:

विवाह प्रमाण पत्र

बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र

खुलानामा (Khulanama)

की जांच के बाद पत्नी की गवाही को विश्वसनीय माना।

कोर्ट का निष्कर्ष

कोर्ट ने कहा कि यदि पति की सहमति के बिना भी खुला तलाक की प्रक्रिया शुरू होती है, तो यह वैवाहिक संबंधों में टूटे विश्वास को दर्शाता है। अदालत ने विवाह को समाप्त घोषित करते हुए महिला को खुला तलाक, बच्चे की कस्टडी, और दहेज/गहने वापस करने का आदेश दिया।

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



जयपुर फैमिली कोर्ट : सोशल मीडिया पर व्यवहार बना
अदालती फैसले

जयपुर फैमिली कोर्ट : सोशल मीडिया पर व्यवहार बना , मानसिक क्रूरता, पति को मिला तलाक

जयपुर फैमिली कोर्ट ने एक मामले में पत्नी के सोशल मीडिया व्यवहार को मानसिक क्रूरता मानते हुए पति को तलाक की डिक्री प्रदान...

सरकारी पैनलों में महिला वकीलों को 30%
अदालती फैसले

सरकारी पैनलों में महिला वकीलों को 30% , आरक्षण की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सरकारी कानूनी पैनलों और लॉ ऑफिसर पदों में महिला वकीलों को 30 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और र...

“पत्नी को छोड़ना जिम्मेदारी से भागने का बहाना”: कलकत्ता हाईकोर्ट
अदालती फैसले

“पत्नी को छोड़ना जिम्मेदारी से भागने का बहाना”: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिव्यांग महिला को पुलिस सुरक्षा में ससुराल भेजने का आदेश देते हुए कहा कि पति पत्नी की बीमारी का बहान...

उड़ीसा हाईकोर्ट : शिक्षित और सक्षम पति
अदालती फैसले

उड़ीसा हाईकोर्ट : शिक्षित और सक्षम पति , पत्नी के भरण-पोषण से नहीं बच सकता

कोर्ट ने कहा कि केवल financial problem या बेरोजगारी का दावा कर कानूनी जिम्मेदारी से बचना स्वीकार नहीं किया जा सकता।