मुस्कान ने कॉमनवेल्थ पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में जीते चार गोल्ड

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मुस्कान ने कॉमनवेल्थ पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप में जीते चार गोल्ड

छाया: वन इंडिया डॉट इन

न्यूजीलैंड में दिखाया दम

मझेरा गांव की मुस्कान ने बिखेरी सबके होठों पर मुस्कान

शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित छोटे से गांव मझेरा की मुस्कान शेख़ ने न्यूजीलैंड में हाल ही में आयोजित ‘कॉमनवेल्थ पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप-2022’ में चार गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ अपने परिवार, जिले और प्रदेश बल्कि पूरे देशवासियों के होठों पर भी मुस्कान बिखेरी है। अपने शानदार प्रदर्शन से उसने परिवार,  समाज, जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। मुस्कान शेख़ ने 63 किलो वर्ग कैटगरी (सब जूनियर) में यह बेमिसाल उपलब्धि हासिल की है। उसने स्काट में 105 किग्रा वजन  तो बेंच प्रेस में 57.5 किलो वजन उठाया। इसके बाद मुस्कान की डेड लिफ्ट 120 किलो की रही। मुस्कान ने अपने वर्ग में तीनों इवेंट में सर्वाधिक वजन उठा कर  तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। इसके अलावा उसे टोटल इवेंट में भी गोल्ड मिला। इस तरह 63 किलोग्राम वर्ग में किसी भी इवेंट में कोई उससे अधिक वजन नहीं उठा पाया। मुस्कान शेख़ अब पावर लिफ्टिंग में दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बन गई हैं। वो बीते तीन साल से इस चैम्पियनशिप के लिए अपनी तैयारियां कर रही थीं। उन्होंने इससे पहले इसी साल अगस्त महीने में ‘ऑल इंडिया पावर लिफ्टिंग कॉम्पिटिशन’ में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था। पावर लिफ्टिंग गेम में आने से पहले मुस्कान शेख़ हैंड बॉल गेम की बेहतरीन प्लेयर रही हैं। हैंड बॉल की मिनी कॉम्पिटिशन यानी अंडर 14 में वो तीन नेशनल गेम खेल चुकी हैं। सोलह साल की उम्र से मुस्कान का रुझान पावर लिफ्टिंग की ओर हुआ। इस दरमियान लॉकडाउन भी लग गया,  लेकिन उन्होंने प्रेक्टिस नहीं छोड़ी। तीन-तीन घंटे इस गेम के लिए प्रेक्टिस की। शुरुआत में कोच की जि़म्मेदारी उनके पिता ने ही निभाई। अपना सब काम छोडक़र वो प्रेक्टिस से लेकर हर कॉम्पिटिशन में मुस्कान के साथ आते-जाते और उसकी हर मुमकिन मदद करते थे। मुस्कान के वालिद शिवपुरी के छोटे से गांव मझेरा में पोल्ट्री फार्म चलाते हैं, जो शहर से पन्द्रह किलोमीटर दूर है। तीन बेटियों के पिता दारा मोहम्मद खु़द भी स्पोर्ट्समैन रहे हैं। वे बताते हैं कि जब मुस्कान ने इस खेल में हिस्सा लेना शुरू किया, तो परिवार और समाज का रवैया बड़ा नकारात्मक था। लोग कहते थे कि कहां लडक़ी को इस खेल में भेज रहे हो। लेकिन मैंने इन सब बातों की ओर ध्यान न देकर मुस्कान की काबिलियत पर यक़ीन रखा और उसे इस खेल के लिए तैयार किया।

गौरतलब है कि इंडिया टीम का 22 मेम्बरों का पहला ग्रुप 25 नवंबर को न्यूजीलैंड के लिए रवाना हुआ था, जिसमें मुस्कान शेख़ भी शामिल थी। ‘कॉमनवेल्थ पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप’ में न्यूजीलैंड के अलावा इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे विकसित देशों के खिलाडिय़ों ने हिस्सेदारी की थी। इन खिलाडिय़ों के बीच अठारह साल की मुस्कान शेख़ ने पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का परचम लहरा कर कमाल दिखा दिया। मुस्कान शेख़ पावर लिफ्टिंग गेम में आज जिस इस मुक़ाम पर हैं, वो उसका पूरा श्रेय अपने वालिद दारा मोहम्मद को देती हैं। जिन्होंने अपना पूरा यक़ीन मुस्कान में रखा, उनका हर दम सपोर्ट किया और उन्हें कड़ी मेहनत के लिए तैयार करते रहे।

सन्दर्भ स्रोत : देशबन्धु

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