हस्तशिल्प के क्षेत्र में कढ़ाई या कशीदाकारी का एक अलग ही सम्मान रहा है। एक समय था जब पोषाक में की गई कढ़ाई से किसी व्यक्ति की हैसियत...
भारत के हृदय प्रदेश में अनेक ऐसी विभूतियां हुई हैं जिन्होंने भारत वर्ष के सांस्कृतिक दूत की भूमिका अपनी कला,पहनावे, खान-पान की शैल...
लयशाला की संस्थापक और सुप्रसिद्ध नृत्यांगना सविता गोडबोले का जीवन ‘कथक’ नृत्य के लिए समर्पित रहा। वे सुविख्यात नर्तक लच्छू महाराज...
विभा जी ने 8 वर्ष की अल्पायु से रायगढ़ घराने के प्रसिद्ध दरबारी नर्तक फिरतू महाराज से नृत्य प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था.
भरतनाट्यम के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध नृत्यांगना लता मुंशी का जन्म मध्यप्रदेश के कटनी के पास कैमूर कस्...
अंतर्राष्ट्रीय नृत्यांगना वी. अनुराधा सिंह का जन्म हमीरपुर,उ.प्र. में हुआ था। पिता राव बलराज सिंह जल संसाधन विभाग में उस समय अभिय...

