18 साल के पहले बालिका का नहीं कराएंगे विवाह,

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18 साल के पहले बालिका का नहीं कराएंगे विवाह,
राजस्थान हाईकोर्ट ने माता-पिता से लिया वचन

जोधपुर हाईकोर्ट ने 16 वर्षीय लड़की के परिवार को फटकार लगाई। कोर्ट ने नाबालिग के माता-पिता से वचन लिया कि वे उसकी मर्जी के बिना उसकी शादी 18 साल से पहले नहीं करेंगे। इसके बाद घर छोड़कर भागी नाबालिग को माता-पिता को सौंप दिया। नाबालिग ने कोर्ट को बताया कि मेरा परिवार 18 साल की होने से पहले ही मेरी शादी करना चाहता है, इसी डर से मैं घर छोड़कर भाग गई थी। 

दरअसल, 19 सितंबर को युवती अपने घर से लापता हो गई थी। चित्तौड़गढ़ के भदेसर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली याचिकाकर्ता मीना (बदला हुआ नाम) ने अपनी लापता बेटी को बरामद करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन नाबालिग लड़की को ढूंढ निकाला। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। इस मामले में राज्य सरकार, चित्तौड़गढ़ पुलिस अधीक्षक, भदेसर थानाधिकारी और नाहरगढ़ निवासी एक अन्य व्यक्ति को भी पक्षकार बनाया गया था। 

 

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माता-पिता जबरन शादी कराना चाहते हैं 

कोर्ट के निर्देश पर नाबालिग को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायाधीश ने नाबालिग से बातचीत की। 16 साल की लड़की ने कोर्ट को बताया कि उसके माता-पिता उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे थे। वे उसकी शादी ऐसी जगह कराने की कोशिश कर रहे थे, जो उसकी पसंद की नहीं थी, जबकि अभी उसकी उम्र 18 साल नहीं है। 

नाबालिग ने कोर्ट को बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ तभी जाने को तैयार है, जब वे कोर्ट के समक्ष यह वचन दें कि 18 साल की आयु पूरी होने से पहले उसकी सहमति के बिना उसकी शादी नहीं की जाएगी। उसने यह भी कहा कि अगर वह अपने पैतृक घर जाती है, तो उसे दुर्व्यवहार की आशंका है।" 

माता-पिता ने दिया वचन 

याचिकाकर्ता (नाबालिग की मां) के वकील ने कोर्ट को बताया कि नाबालिग के माता-पिता यह वचन देते हैं कि वे 18 साल की आयु पूरी होने से पहले नाबालिग की सहमति के बिना उसकी शादी नहीं करेंगे। वकील ने कहा कि माता-पिता नाबालिग के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे और उसकी भलाई का ध्यान रखेंगे। 

कोर्ट ने सौंपी नाबालिग की अभिरक्षा 

 कोर्ट के समक्ष दिए गए बयान और याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए वचन को देखते हुए खंडपीठ ने नाबालिग की अभिरक्षा याचिकाकर्ता को सौंप दी। साथ ही आदेश दिया कि यदि माता-पिता द्वारा नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार की कोई घटना की सूचना मिलती है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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