सुप्रीम कोर्ट: महिलाओं के लिए आरक्षण क़ानून तत्काल लागू हो

blog-img

सुप्रीम कोर्ट: महिलाओं के लिए आरक्षण क़ानून तत्काल लागू हो

छाया: न्यूज़क्लिक

नई दिल्ली। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने का प्रस्ताव करने वाला विधेयक कानून तो बन चुका है, लेकिन फिलहाल यह कानून देश में लागू नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कानून को तत्काल लागू कराने की मांग की गई है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद केंद्र सरकार से 14 दिनों के भीतर जवाब मांगा। अदालत ने कहा कि देशभर में कानून लागू करने के संबंध में सरकार का रूख जानना अहम है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में तीन सप्ताह के बाद सुनवाई की जाएगी।

इससे पहले याचिकाकर्ता जया ठाकुर की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि अदालत को निर्देश जारी करना चाहिए कि कानून को आम चुनाव से पहले लागू किया जाए। अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद साफ किया कि मुकदमे में इस स्तर पर कोई आदेश पारित नहीं कर सकती। दो जजों की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से सरकार के जवाब का इंतजार करने को कहा। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ में सरकार की तरफ से वकील कनु अग्रवाल पेश हुईं। उन्होंने कहा कि जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए। अदालत ने दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा।

संदर्भ स्रोत: फोरपीएम

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



पटना हाई कोर्ट : आपसी सहमति से
अदालती फैसले

पटना हाई कोर्ट : आपसी सहमति से , तलाक के लिए 1 वर्ष अलग रहना जरूरी

खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि 'अलग रहना' का अर्थ केवल भौतिक दूरी नहीं, बल्कि वैवाहिक संबंधों का पूर्णतः समाप्त होना है। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट : पति के खिलाफ केस दर्ज  कराना
अदालती फैसले

इलाहाबाद हाई कोर्ट : पति के खिलाफ केस दर्ज कराना , आत्महत्या के लिए उकसाने का कारण नहीं

कोर्ट ने पत्नी और परिवार के खिलाफ कार्यवाही रद की, ‘दुराशय’ का कोई प्रमाण नहीं

कनाडा कोर्ट का आदेश दरकिनार: इंदौर
अदालती फैसले

कनाडा कोर्ट का आदेश दरकिनार: इंदौर , हाई कोर्ट ने दी मां को कस्टडी

ऐतिहासिक फैसला, कहा- सीता मां जैसा ममत्व ही बच्चे का आधार

सुप्रीम कोर्ट  : सहमति वाले रिश्ते में अपराध कैसे?
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : सहमति वाले रिश्ते में अपराध कैसे?

15 साल लिव-इन के बाद दुष्कर्म के आरोप पर सुप्रीम सवाल; महिला को नसीहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट : पिता के बाद मां
अदालती फैसले

इलाहाबाद हाईकोर्ट : पिता के बाद मां , ही बच्चे की प्राकृतिक अभिभावक

नाबालिग के हित में संयुक्त परिवार की संपत्ति बेचने के लिए मां को नहीं चाहिए कोर्ट की अनुमति, हाईकोर्ट ने निचली अदालत का...