मप्र हाईकोर्ट : शादी की ज़िम्मेदारियों के लिए

blog-img

मप्र हाईकोर्ट : शादी की ज़िम्मेदारियों के लिए
नौकरी छोड़ने वाली पत्नी भरण-पोषण की हकदार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि यदि कोई पत्नी शादी की ज़िम्मेदारियों के कारण अपनी नौकरी छोड़ देती है, तो वह अपने पति से भरण-पोषण पाने की हकदार है कम से कम तब तक, जब तक वह दोबारा आत्मनिर्भर न हो जाए। 

 क्या है पूरा मामला? 

यह मामला एक इंजीनियर पत्नी से जुड़ा है, जिसके पास बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग की डिग्री है। उसने CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट का रुख किया था। फैमिली कोर्ट ने पति को हर महीने ₹40,000 भरण-पोषण देने का आदेश दिया, जिसे पति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। 

हाईकोर्ट की अहम टिप्पणियां

जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच ने पति की याचिका खारिज करते हुए कहा कि “कमा सकती है” और “कमा रही है” में फर्क होता है। सिर्फ इस आधार पर कि पत्नी पढ़ी-लिखी है, उसे भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता।  पत्नी के वर्तमान में कमाई करने का कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। पत्नी द्वारा नौकरी छोड़ना शादी की परिस्थितियों और ज़िम्मेदारियों से जुड़ा हो सकता है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। 

 

इन्हें भी पढ़िए....

केरल हाईकोर्ट : महिलाओं के तबादले में सहानुभूति रखें, वे परिवार भी संभालती हैं

इलाहाबाद हाईकोर्ट : अविवाहित बेटी भी गुजारा भत्ता पाने की हकदार

बॉम्बे हाईकोर्ट : बेरोजगार पति को गुजारा भत्ता दे पत्नी

 

पति के तर्क क्यों नहीं माने गए?

पति ने दावा किया था कि पत्नी फ्रीलांसिंग से ₹50,000 प्रति माह कमा रही है। वह खुद अपनी सैलरी से मुश्किल से ₹3,500 बचा पाता है। लेकिन कोर्ट ने पाया कि  पति अपनी आय का कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं कर सका। जिरह के दौरान उसने लॉज और ₹30 लाख का फ्लैट होने की बात स्वीकार की  साथ ही उसने यह भी माना कि फ्लैट खरीदने में पत्नी के परिवार ने आर्थिक मदद की थी

स्त्रीधन पर कोर्ट का रुख

हाईकोर्ट ने साफ कहा कि स्त्रीधन महिला की पूर्ण संपत्ति (Absolute Property) है। पति इस आधार पर भरण-पोषण से इनकार नहीं कर सकता कि पत्नी के पास स्त्रीधन मौजूद है कोर्ट ने कहा कि ₹40,000 की राशि पति की जीवनशैली और आय के अनुरूप है। वह पहले UK में काम कर चुका है और वर्तमान में एक निजी कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है। 

हाईकोर्ट ने पति को यह छूट दी है कि यदि भविष्य में पत्नी को नौकरी मिल जाती है या परिस्थितियां बदलती हैं, तो वह BNSS की धारा 145 के तहत फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण राशि में बदलाव की मांग कर सकता है। 

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



मप्र हाईकोर्ट : पहली शादी छुपाकर की दूसरी
अदालती फैसले

मप्र हाईकोर्ट : पहली शादी छुपाकर की दूसरी , शादी, फिर भी महिला को मिलेगा भरण-पोषण

हाईकोर्ट ने विवादित दूसरी शादी मामले में महिला को अंतरिम भरण-पोषण देने का आदेश दिया

राजस्थान हाईकोर्ट: तलाक और 20 लाख
अदालती फैसले

राजस्थान हाईकोर्ट: तलाक और 20 लाख , गुजारा भत्ता के बाद भी केस लड़ना उत्पीड़न

कोर्ट ने बुजुर्ग दंपति को राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को खारिज कर दिया है।

डीएनए टेस्ट से पीछे हटे शासकीय शिक्षक को हाई कोर्ट से
अदालती फैसले

डीएनए टेस्ट से पीछे हटे शासकीय शिक्षक को हाई कोर्ट से , बड़ा झटका, महिला और बेटे को देना होगा भरण-पोषण

डीएनए टेस्ट से इन्कार करने वाले शिक्षक को हाई कोर्ट ने महिला और बच्चे को भरण-पोषण देने का आदेश दिया।

हिप्र हाईकोर्ट : माता-पिता का समझौता
अदालती फैसले

हिप्र हाईकोर्ट : माता-पिता का समझौता , बच्चे के अधिकार नहीं छीन सकता

हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा कि माता-पिता के आपसी समझौते से बच्चे के भरण-पोषण के अधिकार खत्म नहीं हो सकते। अदालत ने गुजारा भत्...

सुप्रीम कोर्ट : पर्दे के पीछे अब भी जारी है
अदालती फैसले

सुप्रीम कोर्ट : पर्दे के पीछे अब भी जारी है , लिंग चयन, जांच कानून सख्त हो

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लिंग चयन जैसी अवैध प्रथाएं अब भी जारी हैं। कोर्ट ने कहा- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं जर...

दिल्ली हाईकोर्ट : अब प्राइवेट स्कूलों की महिला
अदालती फैसले

दिल्ली हाईकोर्ट : अब प्राइवेट स्कूलों की महिला , टीचर्स को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूल की महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया