धार। धार जिले के सरदारपुर की बेटी और भारतीय महिला फुटबॉल टीम की स्ट्राइकर ज्योति चौहान ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में नया इतिहास रच दिया है। इजराइल के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब नॉट नेतन्या ने उन्हें अपने साथ अनुबंधित किया है। इसके साथ ही ज्योति किसी इजराइली क्लब से जुड़ने वाली भारत की पहली महिला फुटबॉलर बन गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली बड़ी पहचान
मध्यप्रदेश की इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। ज्योति की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में घाना की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम की पूर्व उपकप्तान एलशद्दाई अचेम्पोंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भारत में आयोजित प्रतियोगिताओं के दौरान उन्होंने ज्योति की गति, तकनीक और आक्रामक खेल शैली को करीब से देखा। उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर उन्होंने इजराइली क्लब प्रबंधन के समक्ष ज्योति को अनुबंधित करने का प्रस्ताव रखा।
क्रोएशिया में भी दिखा चुकी हैं दम
ज्योति इससे पहले क्रोएशिया के प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब डायनामो जाग्रेब से भी खेल चुकी हैं। वहां उन्होंने जेडएनके एग्राम के खिलाफ शानदार हैट्रिक लगाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
इजराइल लीग के लिए कर रही हैं विशेष तैयारी
अंतरराष्ट्रीय क्लब से जुड़ने के बाद ज्योति इन दिनों नोएडा स्थित पीओबी सेंटर में विशेष प्रशिक्षण ले रही हैं। इजराइल की प्रतिस्पर्धी फुटबॉल लीग के अनुरूप खुद को तैयार करने के लिए वह लगातार कड़ी मेहनत कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई को वे इजराइल के लिए रवाना होंगी और पूरे सीजन में नॉट नेतन्या क्लब का प्रतिनिधित्व करेंगी।
आर्थिक संघर्षों के बावजूद नहीं टूटा हौसला
ज्योति की सफलता के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी भी है। खास बात यह है कि उन्हें किसी स्तर पर विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिली। उनके प्रशिक्षण केंद्र की एक माह की फीस ही लगभग 50 हजार रुपए है, जिसे वह बड़ी मुश्किल से किस्तों में जमा कर पा रही हैं।
इसके बावजूद आर्थिक चुनौतियां उनके सपनों और हौसलों के बीच कभी दीवार नहीं बन सकीं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
गांव से ग्लोबल मंच तक का प्रेरक सफर
मूल रूप से सरदारपुर की रहने वाली ज्योति चौहान ने अपने प्रदर्शन से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में स्ट्राइकर के रूप में मजबूत पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्लब से जुड़ने के बाद भी वे अपनी जड़ों से जुड़ी हुई हैं।
हाल ही में वे झाबुआ में आयोजित राष्ट्रीय महिला फुटबॉल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेने पहुंची थीं। उनकी यह उपलब्धि न केवल धार और मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
ज्योति चौहान की उपलब्धि बनी युवाओं के लिए प्रेरणा
धार की बेटी ज्योति चौहान का यह सफर साबित करता है कि प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर किसी भी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना संभव है। उनकी सफलता आज हजारों युवा खिलाड़ियों, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
सन्दर्भ स्रोत/छाया पत्रिका



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