डॉ. रीनू ने हर्बल फॉर्मूलेशन पर किया शोध

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डॉ. रीनू ने हर्बल फॉर्मूलेशन पर किया शोध
ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तुत

छाया: डॉ. रीनू यादव के फेसबुक अकाउंट से 

• 10 साल में 65 से ज्यादा रिसर्च पेपर्स हो चुके प्रकाशित

भोपाल। भोपाल की डॉ. रीनू यादव ने हर्बल फॉर्मूलेशन विकास पर आधारित अपना अनुसंधान ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन कन्वेंशन सेंटर में अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल फेडरेशन, नीदरलैंड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पेश किया। बता दें कि डॉ. रीनू को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एंड काउंसिल फॉर साइंस एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च, मिनिस्ट्री ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने चुनकर भेजा था। वहां डॉ. रीनू ने भारत को रिप्रेजेंट किया। डॉ रीनू ताज विवांता गोवा में मिसेज इंडिया फार्म आइकन से सम्मानित हैं। उन्हें नीदरलैंड की इंटरनेशनल फार्मास्यूटिकल फेडरेशन द्वारा विमेन इन साइंस एंड एजुकेशन से एजुकेशन का अवॉर्ड मिल चुका है। यह अवॉर्ड पाने वाली वे देश की एकलौती महिला हैं। 

बच्चियों और महिलाओं के उत्थान के लिए भी कर रही हैं काम

डॉ. रीनू समाज सेवा के कार्यों के लिए भी जानी जाती हैं। कुछ समय पहले उन्हें लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में कोरोना के समय किए कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है। वे आईआईटीएम, आईईएस विवि की डीन और प्रिंसिपल हैं। हर्बल फॉर्मूलेशन रिसर्च, महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण और पर्यावरण इनके प्रमुख काम हैं। मिसेज इंडिया इटरनेशनल 2019 रह चुकी डॉ रीनू ने मुख्यमंत्री के साथ कई बार पौधरोपण किया है। मुख्यमंत्री भी उनके द्वारा महिलाओं और बच्चियों के उत्थान के लिए किए गये कार्यों की प्रशंसा कर चुके हैं। ज्ञात हो कि डॉ रीनू महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वच्छता के लिए प्रेरित करने सेनेटरी पैड का वितरण करने का अभियान वर्षों से चला रही है।

बच्ची की देती हैं फीस

चार साल पहले उन्होंने एक बच्ची को गोद लिया था। दरअसल, रीनू की बेटी जिस स्कूल में पढ़ती थी, वहीं की एक बच्ची के पिता की एक दुर्घटना में मौत हो गई। जिसके बाद आर्थिक तंगी के चलते उस बच्ची की मां उसे स्कूल से निकालना चाह रही थी। तब से ही रीनू उस बच्ची की फीस दे रहीं हैं।

सन्दर्भ स्रोत : पत्रिका 

सम्पादन : मीडियाटिक डेस्क 

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