क्रांति त्रिवेदी

blog-img

क्रांति त्रिवेदी

चित्रांकन : ज़ेहरा कागज़ी

• सुधीर जैन, सतना

• डाक टिकटों में मप्र की महिलाएं

हिन्दी की प्रख्यात लेखिका श्रीमती क्रान्ति त्रिवेदी का जन्म 28 सितम्बर 1932 को अविभाजित मध्यप्रदेश के रायपुर में हुआ था। वे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल की सबसे छोटी पुत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री श्री श्यामाचरण शुक्ल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री विद्याचरण शुक्ल की छोटी बहन थीं। उनके पति श्री धरणीधर त्रिवेदी उत्तर प्रदेश के आयकर आयुक्त थे।

श्रीमती त्रिवेदी की 30 पुस्तकें प्रकाशित हुईं जिनमें से मोहभंग, उत्तराधिकारी, आठवां जन्म, अनोखा आरोही, बहे सो गंगा, बूंद-बूंद अमृत आदि बहुत सराही गईं। नारी चरित्र के प्रकृति जन्य गुणों को अंतर्मन की गहराइयों तक पहुंच कर चित्रित करने में जो दक्षता क्रान्ति जी ने प्राप्त की, वह अद्भुत थी। उन्हें अनेक सम्मान भी प्राप्त हुए। उनके दो पुत्र, पुत्री एवं दामाद केंद्र एवं उत्तर प्रदेश शासन में उच्च अधिकारी हैं। 29 अक्टूबर 2009 को उनका निधन हो गया । हाल ही में उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर 29 अक्टूबर 2010 को भारतीय डाक विभाग द्वारा 5 रुपये मूल्य की एक रंगीन डाक टिकट जारी की गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने एक गरिमामय समारोह में यह डाक टिकट जारी की।

लेखक डाक टिकट संग्राहक हैं।

© मीडियाटिक

इन्हें भी पढ़िये -

विजयाराजे सिंधिया

सुभद्राकुमारी चौहान

वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई

Comments

Leave A reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *



कौन थी गन्ना बेगम जो सेना में मर्दों के भेस  में रहती थी
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

कौन थी गन्ना बेगम जो सेना में मर्दों के भेस में रहती थी

गन्ना एक रूपवती और गुणवान युवती थी, उसके पिता अब्दुल कुली ख़ान ईरान के शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे।

मूर्तिशिल्प में स्त्री
पुरातत्त्व में नारी पात्र

मूर्तिशिल्प में स्त्री

मध्यप्रदेश की धरती पर आज भी अतीत की दुर्लभ स्मृतियाँ दर्ज हैं.

महाकवि केशवदास ने लोहार की बेटी पुनिया को दिया था रायप्रवीण का नाम
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

महाकवि केशवदास ने लोहार की बेटी पुनिया को दिया था रायप्रवीण का नाम

राजकुमार इन्द्रजीत ने राय प्रवीण से बेहिसाब प्रेम किया, लेकिन शाही परिवार से जुड़े होने के कारण चाहकर भी वह शादी नहीं...

रानी अवंती  बाई जिनकी शहादत आज भी है एक राज
स्वतंत्रता संग्राम में मप्र की महिलाएं

रानी अवंती बाई जिनकी शहादत आज भी है एक राज

रामगढ़ की रानी अवंती बाई ने वीरांगना लक्ष्मीबाई की तरह विदेशी सत्ता के विरुद्ध बगावत का झण्डा उठाया और 1857 के प्रथम स्...

रानी दुर्गावती जिनके शासन काल में स्वर्ण मुद्राओं और हाथियों के रूप में भरी जाती थी लगान
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

रानी दुर्गावती जिनके शासन काल में स्वर्ण मुद्राओं और हाथियों के रूप में भरी जाती थी लगान

गढ़ा-मंडला की रानी दुर्गावती ने स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राणों की आहूति दी थी। उनके आत्मोत्सर्ग की गौरव...

दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की
मध्यप्रदेश के इतिहास में महिलाएं

दास्ताँ भोपाल की अंतिम गोंड शासक रानी कमलापति की

सन 1705 में गोंड राजा निज़ाम शाह ने विवाह के बाद भोपाल रानी कमलापति को दिया। वह बचपन से ही बुद्धिमान और साहसी थीं। शिक्ष...