जन्म दिनांक : 17 अप्रैल, जन्म स्थान : बाड़ी (जिला-रायसेन)
माता : श्रीमती शारदा गुप्ता, पिता : स्व.रामनाथ गुप्ता
जीवन साथी : श्री विष्णु प्रसाद बरसैया, संतान : पुत्र (01), पुत्री (01)
शिक्षा : बी.एस.सी., एम.ए.(अर्थशास्त्र),एल.एल.बी., डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट
व्यवसाय : अभिनेत्री/कंटेंट क्रिएटर/सामाजिक कार्यकर्ता
करियर यात्रा/ जीवन यात्रा : शिक्षा के साथ-साथ रेणुका बरसैया की रुचि सांस्कृतिक गतिविधियों, अभिनय और नृत्य में बचपन से ही रही है. वर्ष 1990 में विवाह के बाद उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी. बच्चों के स्थापित हो जाने पर उन्होंने अपने भीतर वर्षों से संजोए सपनों को साकार करने का संकल्प लिया और 48 वर्ष की आयु में रंगमंच एवं समाज सेवा के क्षेत्र में अपने नए जीवन अध्याय की शुरुआत की.
उनकी अभिनय यात्रा का आरंभ नाटक ‘दरारें’ में मुख्य पात्र की प्रभावशाली भूमिका से हुआ. इस प्रथम मंचन ने उनके भीतर छिपी प्रतिभा को एक सशक्त अभिव्यक्ति दी. इसके पश्चात उन्होंने ‘श्मशान महापर्व’, ‘आशादीप’, ‘शहीद भगत सिंह’, ‘अमृत आ गया’ और ‘गांधी ने कहा था…’ जैसे सामाजिक और संदेश प्रधान नाटकों में मंचन किया. इन ज्वलंत विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों ने उनकी अभिनय क्षमता को निरंतर निखारा और उन्हें एक संवेदनशील तथा सशक्त रंगकर्मी के रूप में स्थापित किया.
रंगमंच पर उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति और अभिनय कौशल के आधार पर उन्हें सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म आरक्षण में एक छोटी किन्तु महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त हुआ. यह अवसर उनके अभिनय जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा, जिसने उनके आत्मविश्वास और पहचान को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं.
अभिनय के साथ-साथ रेणुका सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. वे विभिन्न सामाजिक गतिविधियों और जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही हैं.
उपलब्धियां / पुरस्कार
अभिनय: नाटक- दरारें, गांधी ने कहा था, श्मशान महापर्व,अमृतसर आ गया, आशा दीप, शहीद भगत सिंह
फ़िल्म - आरक्षण, धडकन-2
ओ टी टी - ड्राई डे,कोटा फैक्ट्री
शॉर्ट फ़िल्म - शिव व्रत कथा
पुरस्कार
• अनंतम सांस्कृतिक संस्था-गुना एवं लायंस क्लब गुना द्वारा सम्मानित
• वीरांगना रानी दुर्गावती संस्थान द्वारा गुना गौरव सम्मान
रुचियाँ : अभिनय,कला एवं समाजसेवा
अन्य जानकारी : पूरी तरह पारम्परिक पारिवारिक परिवेश से जुड़ी रेणुका बरसैया जी ने आवश्यक शैक्षणिक योग्यता हासिल की, फिर दूसरों को भी शिक्षित किया. समय-समय पर ज़ रूरतमंद बच्चों की मदद करना, उन्हें शैक्षणिक सामग्री प्रदान करने के अलावा गौ सेवा, पिछड़ी बस्तियों में जरूरतमंद सामग्री उपलब्ध कराने में भी योगदान देती हैं.